जापान को बड़ा झटका, चीन ने जरूरी रेयर अर्थ खनिजों का निर्यात रोका
क्या है खबर?
चीन ने जून में भी जापान को कई जरूरी रेयर अर्थ खनिजों का निर्यात नहीं किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गैलियम, डिस्प्रोसियम, टर्बियम और यिट्रियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की कोई खेप जापान नहीं भेजी गई। इससे दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। इस कदम से जापान की उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है, जिससे कई कंपनियां वैकल्पिक स्रोत तलाशने में जुट गई हैं।
असर
उद्योगों पर बढ़ सकता है दबाव
जापान इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, रोबोटिक्स और रक्षा उपकरण बनाने के लिए इन खनिजों पर काफी हद तक चीन पर निर्भर है।
लगातार सप्लाई रुकने से कई कंपनियों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ ऑटोमोबाइल, मशीनरी और ऊर्जा क्षेत्र भी इस कमी से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे उद्योगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, और उत्पादन लागत बढ़ने की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
नियम
तनाव बढ़ने के बाद सख्त हुए नियम
दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने के बाद चीन ने रेयर अर्थ खनिजों के निर्यात पर कई बार सख्त पाबंदियां लगाई हैं।
पहले भी कई चरणों में निर्यात नियंत्रण लागू किए गए थे और इस साल भी इन्हें और कड़ा किया गया।
इन फैसलों को चीन की रणनीतिक नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत स्थिति रखना चाहता है।
असर
दुनिया पर भी पड़ सकता है असर
जून में चीन का कुल रेयर अर्थ मैग्नेट निर्यात बढ़ा, लेकिन कुछ देशों के लिए जरूरी खनिजों की आपूर्ति अब भी सीमित बनी हुई है।
चीन दुनिया में रेयर अर्थ मैग्नेट का सबसे बड़ा उत्पादक है और उसकी हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है।
ऐसे में लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने से वैश्विक उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखला पर व्यापक असर पड़ सकता है, जिससे कई देशों की विनिर्माण गतिविधियां भी प्रभावित होने की संभावना रहेगी।