ईरान से कच्चा तेल का टैंकर भारत को संकेत देने के बाद चीन की ओर मुड़ा
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। ईरान से कच्चा तेल ले जा रहे एक टैंकर ने अचानक अपनी यात्रा बदल दी। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित टैंकर अपनी घोषित यात्रा पर निकला था और बीच में भारत को संकेत देने के बाद अचानक चीन ओर मुड़ गया। अफ्रामैक्स पोत पिंग शुन, ईरान से 6 लाख बैरल तेल लेकर चीन के डोंगयिंग की ओर रवाना हो रहा है। पहले टैंकर ने गुजरात को गंतव्य बताया था।
आपूर्ति
क्या ईरान से कच्चे तेल की खेप नहीं आएगी भारत?
अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाने के लगभग 7 वर्षों बाद भारत पहली बार ईरान से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। अगर यह खेप भारत पहुंच जाती, तो यह 2019 के बाद से ईरान से कच्चे तेल का पहला आयात होता। केप्लर के प्रमुख अनुसंधान विश्लेषक (रिफाइनिंग और मॉडलिंग) सुमित रिटोलिया ने बताया कि पोत पिछले 3 दिनों से वडीनार के रास्ते में था, लेकिन निकट आने पर उसने भारत को घोषित गंतव्य से हटाकर सिग्नल चीन मोड़ दिया।
कारण
क्या कारण सामने आया?
रिटोलिया ने संभावना जताई है कि मार्ग में यह बदलाव भुगतान संबंधी चिंताओं से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है क्योंकि विक्रेता अपनी शर्तें सख्त कर रहे हैं। पहले की 30-60 दिन की ऋण अवधि को छोड़कर अग्रिम या निकट भविष्य में निपटान की मांग कर रहे हैं। अभी तक माल से जुड़े खरीदार और विक्रेता की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। वाडिनार बंदरगाह में रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी द्वारा संचालित 2 करोड़ टन प्रति वर्ष की रिफाइनरी स्थित है।