
कार में नहीं आ सका IS का भारी-भरकम आतंकी, ट्रक में लादकर ले जाना पड़ा जेल
क्या है खबर?
इराक के मोसुल में इस्लामिक स्टेट (IS) के एक बड़े नेता को पकड़ा गया है।
ये नेता इतना मोटा और वजनी था कि सुरक्षाकर्मियों को उसे ट्रक में लादकर ले जाना पड़ा।
शिफा अल-निमा उर्फ अबू अब्दुल-बारी नामक इस आतंकी का वजन 135 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर उसे ट्रक पर लादकर ले जाने की तस्वीरें बेहद वायरल हो रही हैं और लोग जमकर इस पर चुटकी ले रहे हैं।
गिरफ्तारी
कार में नहीं आ सका अल-निमा
गुरुवार को इराकी SWAT टीम ने पश्चिमी मोसुल में छापा मारकर अल-निमा को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार करने के बाद पहले उसे पुलिस कार में ले जाने की कोशिश हुई, लेकिन वो कार में नहीं आ सका और ये कोशिश असफल रही।
इसके बाद एक ट्रक को बुलाया गया और अल-निमा को उसे डालकर ले जाया गया।
इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है औऱ यूजर्स उसकी तुलना 'स्टार वॉर्स' के 'जाबा द हट' से कर रहे हैं।
जानकारी
'ये तो पुलिस को देखकर भाग भी नहीं सकता था'
एक यूजर ने कहा है कि ये आतंकी तो पुलिस को देखकर भाग भी नहीं सकता था। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा है कि उसे जेल में रखने का एकमात्र तरीका उसके बेड के आसपास जेल बनाने का है।
ट्विटर पोस्ट
ट्विटर यूजर्स ने खूब लिए मजे
Alternate picture of them loading him into the truck. pic.twitter.com/9gNzyPsdMc
— Bug Eyed Earl (@Tryan1975) January 17, 2020
आरोप
क्या करता था अल-निमा?
IS के बड़े नेताओं में शामिल अल-निमा एक मुफ्ती था और मोसुल स्थित पैगंबर यूनुस (जोनाह) की ऐतिहासिक मस्जिद को गिराने के लिए उसी ने फतवा जारी किया था।
2014 में मोसुल पर कब्जा करने के बाद IS ने इस मस्जिद को गिरा दिया था।
उस पर IS के प्रति निष्ठा व्यक्त करने से मना करने वाले विद्वानों और मौलवियों को जान से मारने का फतवा जारी करने का आरोप भी है।
आरोेप
महिलाओं के साथ रेप को सही ठहराता था अल-निमा
शुरू से ही IS के साथ जुड़ा अल-निमा अपने भाषणों के जरिए लोगों के दिमाग में जहर घोलता था और नए आतंकी तैयार करता था। उसके फतवे के बाद आतंकी खुलकर कत्लेआम मचाते थे।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वो अपने भाषणों में IS के हर गलत कार्य को इस्लाम के हिसाब से सही करार देता था। वो आतंकियों के महिलाओं का रेप करने तक को सही ठहरा चुका है। उसके साथी उसे 'जाबा द जेहादी' कहते थे।
जानकारी
IS का गढ़ रहा है मोसुल
बता दें कि 2014 में अपने चरम पर रहे IS ने इराक के ऐतिहासिक शहर मोसुल पर कब्जा कर लिया था और इसे अपना गढ़ बना लिया था। हाल ही के वर्षों में इसे IS के चंगुल से मुक्त कराया गया है।