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नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते की नहीं की आलोचना, कहा- मुझे विवरण की जानकारी नहीं
बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की

नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते की नहीं की आलोचना, कहा- मुझे विवरण की जानकारी नहीं

लेखन गजेंद्र
Jun 16, 2026
09:38 am

क्या है खबर?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के खिलाफ युद्ध को सफल बताया। उन्होंने लेबनान मुद्दे पर इजरायल की बात को अनसुना किए जाने पर भी समझौते की आलोचना नहीं की और बताया कि उन्हें अब तक समझौते में क्या है, इसका विवरण नहीं मिला है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्होंने इजरायल को परमाणु विनाश से बचाया है।

समझौते

समझौते पर क्या बोले नेतन्याहू?

नेतन्याहू ने समझौते को लेकर सवाल पर कहा, "समझौते के साथ हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे- न आज, न कल। जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होने दूंगा। यही मेरे जीवन का मिशन है।" उन्होंने दोहराया कि ईरान से परमाणु खतरा एक "तत्काल खतरा" था, जिसे अमेरिकी मित्रों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने भविष्य में विनाश के खतरे को टाल दिया है।

लेबनान

लेबनान में हिज्बुल्लाह के अंत पर इजरायल को अनसुना किया गया?

नेतन्याहू ने समझौते में लेबनान में हिज्बुल्लाह के अंत पर कोई फैसला न लिए जाने पर कहा, "कुछ भी गलत नहीं हुआ। मैंने लक्ष्य निर्धारित किए थे और मंत्रिमंडल ने भी लक्ष्य निर्धारित किए थे, जो आपने बताया उससे अलग थे।" नेतन्याहू ने कहा, "हमने कहा था कि हम अपने ऊपर मंडरा रहे अस्तित्वगत खतरे को दूर करना चाहते हैं, सबसे पहले, परमाणु खतरा, और हमने ऐसा कर लिया। बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा, और हमने ऐसा कर लिया।"

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भूमिका

क्या इजरायल को मजबूर किया गया?

नेतन्याहू ने इस धारणा का खंडन किया कि इजरायल ने रणनीतिक निर्णय लेने में अपनी स्वायत्तता खो दी है, क्योंकि उसे लड़ाई रोकने को मजबूर किया गया और शांति वार्ता से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, "अमेरिका में लोग कहते हैं कि ट्रंप मेरी हर बात मानते हैं, और इजरायल में लोग कहते हैं कि मैं उनकी हर बात मानता हूं। दोनों बातें सच नहीं हैं। हमारा रिश्ता साझेदारों जैसा है। कई बार हम सहमत और कभी-कभी असहमत होते हैं।"

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सवाल

समझौते की आलोचना करने से बचे नेतन्याहू

टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, नेतन्याहू ने यह कहने से इनकार कर दिया कि वह ईरान और लेबनान में कार्रवाई की अनुमति देंगे या नहीं, लेकिन कहा कि वह परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने में अड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में बफर जोन में "जब तक आवश्यक होगा" तब तक बने रहेंगे। उन्होंने समझौते की आलोचना करने से बचाव किया और कहा कि इजरायल अमेरिका-ईरान समझौते का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।

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