बांग्लादेश में दुर्गा पूजा को लेकर अलर्ट और निगरानी, अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों के मद्देनजर सख्ती
क्या है खबर?
बांग्लादेश में शारदीय दुर्गा पूजा उत्सव को देखते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार अलर्ट मोड में है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सरकारी निधि बढ़ाने और लंबी छुट्टी की घोषणा की है, जो पहली हुआ है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय, मंडल, जिला और उपजिला स्तर पर सरकारी एजेंसियों को सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार ने यह कदम अल्पसंख्यक हिंदुओं और उनके त्योहारों से जुड़ी हिंसक घटनाओं के मद्देनजर उठाया है।
अलर्ट
अभी तक किसी मंडप को नहीं बताया असुरक्षित- मंत्री
गृह मंत्रालय ने यह घोषणा दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक के बाद की।
बैठक में वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी, बांग्लादेश पूजा परिषद, पूजा फ्रंट, कल्याण ट्रस्ट, महानगर सर्वजनिन पूजा समिति सहित प्रमुख हिंदू सामुदायिक संगठनों ने भाग लिया।
मंत्री ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने अभी तक किसी मंडप को खासतौर से असुरक्षित या उच्च जोखिम वाला नहीं बताया है। हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरे समारोह के दौरान सतर्क रहेंगी।
तैयारी
मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण और पहचानपत्र
मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय अधिकारियों को राष्ट्रीय दूरसंचार निगरानी केंद्र (NTMC) द्वारा पहले से ही उपयोग में लाए जा रहे मोबाइल एप्लिकेशन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इस ऐप से किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी तेजी से साझा की जा सकेगी और अधिकारी तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे।
पुलिस स्टेशन पूजा-मंडपों में कार्यरत स्वयंसेवकों की सत्यापित सूचियां और संपर्क विवरण एकत्र कर रहे हैं। स्वयंसेवकों को पहचानपत्र जारी किए जाएंगे।
तैयारी
इस साल 33,851 पंडाल लगेंगे
बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के निर्देशों के बाद दुर्गा पूजा मंडपों के लिए धनराशि 4 करोड़ टका से बढ़ाकर 5 करोड़ टका कर दी है।
पिछले वर्ष की तुलना में पूजा मंडपों की संख्या में भी लगभग 1,500 की वृद्धि हुई है। इस वर्ष बांग्लादेश में कुल 33,851 पूजा मंडप होंगे।
हिंदु समुदायों की मांग पर देशभर में छुट्टी भी 3 दिन बढ़ा दी गई है, जो साप्ताहिक अवकाश मिलाकर 5 दिन होगी।