काला सागर में जहाजों पर हमला: तुर्की सरकार ने यूक्रेनी राजदूत को किया तलब, दी चेतावनी
क्या है खबर?
काला सागर में तुर्की द्वारा संचालित 2 व्यापारिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद तुर्की और यूक्रेन के बीच राजनयिक तनाव गहरा गया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने अंकारा में यूक्रेन के राजदूत नरिमन दजेलियालो को तलब कर इन हमलों पर अपनी गंभीर चिंता और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। तुर्की सरकार ने यूक्रेन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए काला सागर में मानवीय और व्यावसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
हमला
किन जहाजों को बनाया गया निशाना?
बुधवार को तुर्की-संचालित कंटेनर जहाज 'लीडर बोर्डो मावी' रूस के तुआपसे तट के पास एक हमले का शिकार हुआ था।
उसके अगले दिन गुरुवार को दूसरा जहाज 'लीडर कोकाटेपे' को भी एक घातक ड्रोन हमले के जरिए निशाना बनाया गया था।
इस मामले में तुर्की सरकार ने ने काला सागर में लोगों की जान, संपत्ति, नौवहन और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की परम आवश्यकता को लेकर यूक्रेन को चेतावनी दी है।
पुनरावृत्ति
पहले भी हो चुका है हमला
काला सागर में तुर्की के जहाजों पर हमला होने का यह पहला मामला नहीं है।
इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में रूस के नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह के पास तुर्की के 'नादेज्दा' मालवाहक जहाज पर भी एक ड्रोन से हमला किया गया था, जिसमें चालक दल के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
ये सभी ड्रोन यूक्रेन की तरफ से दागे गए थे। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने हमलों को तुरंत रोकने की चेतावनी दी थी।
कूटनीति
युद्ध के बीच तुर्की की संतुलित कूटनीति दांव पर
रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही तुर्की ने दोनों देशों के साथ अपने संबंधों में एक बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है।
तुर्की ने कभी भी रूस पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को लागू नहीं किया।
उसने यूक्रेन को अमेरिकी तकनीक से बने रक्षा उपकरण भी बेचे हैं और इसी साल जुलाई में दोनों देशों ने एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
हालांकि, यूक्रेन के हमलों में उसके जहाजों को हमला बनाया जा रहा है।