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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विश्वविद्यालय और रिहायशी इलाकों में दागे रॉकेट, 7 की मौत
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विश्वविद्यालय और रिहायशी इलाकों में दागे रॉकेट और मोर्टार (फाइल तस्वीर)

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विश्वविद्यालय और रिहायशी इलाकों में दागे रॉकेट, 7 की मौत

लेखन गजेंद्र
Apr 28, 2026
09:29 am

क्या है खबर?

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तानी सेना पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। अफगान अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान ने पूर्वी अफगान प्रांत कुनार में विश्वविद्यालय और रिहायशी इलाकों पर मोर्टार और रॉकेट दागे हैं, जिसमें कम से कम 7 लोग मारे गए हैं। BBC के मुताबिक, हमलों में 75 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुनार विश्वविद्यालय के करीब 30 छात्र और एक प्रोफेसर भी शामिल हैं।

हमला

लड़ाकू विमान और ड्रोन का भी इस्तेमाल

तालिबान के उपप्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि कुनार प्रांत के असदाबाद में घरों और सैयद जमालुद्दीन अफगानी विश्वविद्यालय को निशाना बनाकर हुए हमलों में लगभग 30 छात्र, महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं। यह हमला अगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तानी हवाई हमले के कई हफ्तों बाद किया गया था, जिसमें 269 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुनार प्रांत में लड़ाकू विमान और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है।

इनकार

पाकिस्तान ने हमलों से इनकार किया

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने विश्वविद्यालय और आवासीय क्षेत्रों पर हमले की बात से इनकार करते हुए खबरों को फर्जी बताया। मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, 'अफगान सरकार के आरोप झूठे हैं। जब और जहां भी पाकिस्तान अफगानिस्तान स्थित आतंकी ढांचे पर हमला करेगा, वह पहले की गई कार्रवाइयों के अनुरूप होगा, जिसकी पूरी घोषणा और जिम्मेदारी ली जाएगी और आतंकी समर्थन ढांचे को निशाना बनाने के सटीक सबूतों द्वारा समर्थित होगा।' पाकिस्तानी सेना ने कोई बयान नहीं दिया है।

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युद्धविराम

चीन की मध्यस्थता में हुआ था युद्धविराम

इस साल फरवरी में पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच भीषण लड़ाई छिड़ गई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान तालिबान आतंकियों को पनाह देता है, जो उनके देश पर हमले करते हैं। पाकिस्तान उन आतंकी गढ़ों को नष्ट करने का दावा करता है। तालिबान इनको पाकिस्तान की आंतरिक समस्या बताता है। पिछले महीने काबुल में 400 से अधिक लोगों के मारे जाने के बाद लड़ाई रोक दी गई थी। चीन ने उरुमकी में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराई थी।

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