उत्तर-पूर्वी एशिया में भीषण गर्मी से हुई 19 मौतें, काेरिया और जापान सर्वाधिक प्रभावित
क्या है खबर?
उत्तर-पूर्वी एशिया इस समय जानलेवा गर्मी और लू की चपेट में है। दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और जापान में लगातार बढ़ते तापमान के कारण अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। गर्मी का असर न सिर्फ इंसानों पर, बल्कि खेलों, घरेलू पशुओं और चिड़ियाघर के जानवरों पर भी बेहद गंभीर रूप से पड़ रहा है। अस्पताल अधिकारी ने लोगों को गर्मी से निपटने के लिए उचित आहार संबंधी सलाह दी हैं।
आपदा
दक्षिण कोरिया में की गई राष्ट्रीय आपदा की घोषणा
दक्षिण कोरिया के यांगसान शहर में रविवार को तापमान 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। देश में 1904 के बाद से यह उच्चतम तापमान है।
राजधानी सियोल और आसपास के इलाकों में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया है। देश के अधिकांश हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की गई है।
राष्ट्रपति ली जे म्यून ने इस स्थिति को "राष्ट्रीय आपदा" घोषित करते हुए अधिकारियों को जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
मौत
दक्षिण कोरिया में अब तक हुई 19 लोगों की मौतें
दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी के कारण मई से अब तक 2,220 से अधिक लोग बीमार हुए हैं और 19 की मौत हो चुकी है।
इसके अलावा, 17,140 मवेशी (मुर्गियां, बत्तख, सूअर) और 1.6 लाख से अधिक पालतू मछलियां मर चुकी हैं।
इंचियोन में चल रहे एक बेसबॉल मैच के दौरान दो युवा प्रशंसक बेहोश हो गए, जिसके बाद कोरिया बेसबॉल संगठन ने बुधवार और गुरुवार के सभी 10 आगामी मैच रद्द कर दिए हैं।
सलाह
उत्तर कोरिया में जारी की गई पारंपरिक खान-पान की सलाह
उत्तर कोरियाई प्रशासन ने भी देश के अधिकांश हिस्सों में लू को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
प्योंगयांग जनरल हॉस्पिटल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के उप निदेशक मिन सोन योंग ने सरकारी समाचार पत्र के माध्यम से नागरिकों को शरीर में प्रोटीन बनाए रखने के लिए कुक बबूल (डॉग मीट) और मछली का दलिया खाने की सलाह दी है।
इसके साथ ही शरीर को ठंडा रखने के लिए तरबूज, खीरा, टमाटर और अदरक का सेवन करने को कहा गया है।
हालात
जापान में भी बेकाबू हो रहे हैं हालात
जापान के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गर्मी और लू का रेड अलर्ट जारी है।
जुलाई के आखिरी हफ्ते में ही 18,000 से अधिक लोगों को लू के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कुमामोटो क्षेत्र में 28 जुलाई को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप (जिसमें 38 लोगों की मौत हुई) के बाद राहत कार्य जारी है।
इस बीच गर्मी और 43,000 से अधिक घरों में पानी की किल्लत ने स्थिति को बेहद दर्दनाक बना दिया है।
मौत
जापान के चिड़ियाघर में हुई 3 शेरनियों की मौत
जापान में भीषण गर्मी का असर जानवरों पर भी पड़ा है। टोक्यो के तामा ज़ूलॉजिकल पार्क में अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण तीन शेरनियों की मौत हो गई, जिससे वन्यजीव प्रेमी बेहद सदमे में हैं।
जलवायु परिवर्तन के इस दौर में यह भयानक लू पूरे उत्तर-पूर्वी एशिया के सार्वजनिक स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और आपातकालीन सेवाओं की कड़ी परीक्षा ले रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया।