
अफ्रीका: महिलाओं से बचने के लिए 55 साल से घर में कैद ये व्यक्ति, जानें मामला
क्या है खबर?
आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने वाले हैं, जो जानवर, पानी या आग जैसी चीजों से नहीं, बल्कि महिलाओं से डरता है।
जी हां, अफ्रीका में रहने वाला एक 71 वर्षीय व्यक्ति का सबसे बड़ा डर महिलाएं हैं। ऐसे में व्यक्ति ने किसी भी महिला की संगति से बचने के लिए पिछले 55 सालों से खुद को अपने घर में कैद कर रखा है।
आइये व्यक्ति के इस डर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मामला
क्या है मामला?
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं से डरने वाला व्यक्ति रवांडा निवासी कैलीटेक्स नजामविटा है।
उन्होंने अपने घर के चारों तरफ 15 फुट का घेरा तैयार किया है, ताकि कोई भी महिला उनके घर में न आ सके।
मीडिया से बात करते हुए कैलीटेक्स ने बताया कि उन्हें विपरीत लिंग के लोगों से डर लगता है और वह चाहते हैं कि कोई भी महिलाएं उनके करीब न आए, इसलिए 16 साल की उम्र से वह ऐसे रह रहे हैं।
बयान
कैलीटेक्स कैसे गुजारते हैं अपनी जिंदगी?
कैलीटेक्स ने पूरी जिंदगी किसी महिला को अपना दोस्त नहीं बनाया और न ही किसी के साथ रोमांस किया। उन्होंने अकेले ही घर के एक कमरे में जिंदगी गुजार दी।
हालांकि, उनके घर के आस-पास रह रही महिलाओं के कारण ही कैलीटेक्स आज जिंदा बचे हैं।
कैलीटेक्स की एक महिला पड़ोसी ने बताया कि वह राशन-पानी लेने भी घर से बाहर नहीं आते हैं, इसलिए बाहर से ही आस-पास की महिलाएं उन्हें जरूरी राशन दे जाती हैं।
कारण
कैलीटेक्स क्यों करते हैं महिलाओं से नफरत?
अगर कोई महिला कैलीटेक्स के घर के पास आकर खड़ी हो जाती है तो वह भागकर अपने घर में घुस जाते हैं।
कैलीटेक्स की इन हरकतों से सभी परेशान हैं, लेकिन ऐसा माना जाता है कि वह 'गाइनोफोबिया' नामक मनोवैज्ञानिक स्थिति से पीड़ित हैं, इसलिए ऐसी हरकतें करते हैं।
इस मानसिक विकार के कारण कैलीटेक्स को महिलाओं से डर लगता है और उन्हें देखकर वह घबराने लगते हैं।
बीमारी
क्या होता है गाइनोफोबिया?
जानकारी के मुताबिक, मानसिक विकारों के निदान और सांख्यिकी मैनुअल (DSM-5) में गाइनोफोबिया को मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि, चिकित्सीय व्यवस्था में इसे फोबिया के रूप में बताया गया है।
इससे पीड़ित व्यक्ति अगर महिलाओं के बारे में सिर्फ सोच ले तो भी उसे डर और चिंता महसूस होने लगती है।
इस फोबिया के लक्षणों में पैनिट अटैक, सीने में खिंचाव, बहुत पसीना आना, दिल का तेजी से धड़कना और सांस लेने में दिक्कत आदि शामिल हैं।