यशस्वी जायसवाल और शफाली वर्मा को डोप टेस्ट में अनुपस्थित रहने पर मिला नोटिस- रिपोर्ट
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज शफाली वर्मा को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) द्वारा पहली बार डोप टेस्ट में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी किया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह नोटिस डोप टेस्ट के लिए निर्धारित स्थानों पर न पहुंचने और अपने ठिकाने की जानकारी न देने के नियम के तहत जारी किए गए हैं। आइए पूरी खबर जानते हैं।
मौका
दोनों खिलाड़ियों को दिया गया है स्पष्टीकरण देने का मौका
रिपोर्ट के अनुसार, NADA ने दोनों खिलाड़ियों को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी इसकी जानकारी दी है। यह नोटिस नाडा के पंजीकृत परीक्षण पूल (RTP) में शामिल इन दोनों क्रिकेटरों के लिए पहली बार दर्ज किए गए ठिकाने संबंधी विफलताओं को दर्शाते हैं। ऐसे में अब इन दोनों खिलाड़ियों को इस असफलता का स्पष्टीकरण देना होगा और उसके बाद उन्हें दोबारा जांच के लिए बुलाया जाएगा।
नियम
क्या है डोप टेस्ट से संबंधित नियम?
NADA के पंजीकृत परीक्षण पूल में शामिल एथलीटों को डोपिंग टेस्ट के लिए निर्धारित समय और स्थान बताना अनिवार्य है। डोपिंग नियंत्रण अधिकारी (DCO) घोषित अवधि में नमूने एकत्र करने के लिए आ सकता है और निर्धारित स्थान पर उपस्थित न होने पर डोपिंग विरोधी नियमों के तहत टेस्ट छूट सकता है। नोटिस के अनुसार, DCO ने 17 दिसंबर को यशस्वी और 7 नवंबर को शफाली का टेस्ट निर्धारित किया था, लेकिन दोनों ही बताए गए स्थान पर नहीं मिले।
जवाब
दोनों ही खिलाड़ियों ने नहीं दिया कोई जवाब
रिपोर्ट के अनुसार, NADA ने 18 और 20 फरवरी को दोनों खिलाड़ियों से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब नहीं दिया। एक बार टेस्ट न देने से डोपिंग नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाता। हालांकि, 12 महीने की अवधि में 3 बार टेस्ट न देने पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन हो सकता है। यदि कोई खिलाड़ी NADA की सुनवाई समिति के समक्ष अपना बचाव नहीं कर पाता है तो उसे 2 साल तक के लिए निलंबित किया जा सकता है।