यश ठाकुर ने भारतीय टीम में चयन पर दी पहली प्रतिक्रिया, कहा- पिता का आभारी हूं
क्या है खबर?
घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शानदार प्रदर्शन करने वाले 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर को जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चुना गया है। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कड़ी मेहनत का इनाम बताया है। हालांकि, यह पहल उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि उनके दिवंगत पिता के उस सपने को पूरा करने का भी प्रतीक है, जिसमें वे उन्हें भारतीय जर्सी पहने देखना चाहते थे।
आभार
यश ने अपने पिता के प्रति व्यक्त किया आभार
यश के पिता रवि सिंह ठाकुर का 2023 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। तेज गेंदबाज ने कहा कि वह अपने पूरे करियर में अपने पिता के अटूट समर्थन के लिए आभारी हैं।
उन्होंने TOI से कहा, "यह मेरे पिता का सपना था। मैं उनका बहुत आभारी हूं क्योंकि पहले दिन से लेकर जब तक वह हमारे साथ थे, उन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया। यह क्षण उनके दिवंगत पिता का है और उन्हें ही समर्पित है।"
प्रदर्शन
यश ने घरेलू क्रिकेट और IPL में किया है शानदार प्रदर्शन
यश ने 2017 में लिस्ट-A डेब्यू के बाद से 57 मैचों में 27.01 की औसत से 90 विकेट लिए हैं।
उन्होंने 74 टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए खेले 22 मैच शामिल हैं।
उन्होंने IPL में 27 विकेट लिए हैं, जिनमें एक बार 5 विकेट का हॉल भी शामिल है।
उन्होंने कहा, "जब मैं LSG में था, तब मैंने मोर्ने मोर्कल से तेज गेंदबाजी के कई तकनीकी पहलू सीखे।"
उत्साह
श्रेयस अय्यर के मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करने को उत्साहित- यश
यश को जिम्बाब्वे दौरे पर डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह एक बार फिर PBKS के कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेलेंगे।
यह तेज गेंदबाज अय्यर के नेतृत्व में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने के लिए उत्साहित है।
उन्होंने श्रेयस की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अद्भुत कप्तान बताया जो गेंदबाजों के साथ योजनाओं पर चर्चा करते समय उन्हें पूरी स्वतंत्रता और आत्मविश्वास देते हैं। वह इस नई पारी को लिए काफी उत्साहित हैं।
प्रेरणा
"रिकी पोंटिंग का कभी हार न मानने वाला रवैया करता है प्रेरित"
यश ने IPL में PBKS के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के मार्गदर्शन में भी समय बिताया है।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का कभी हार न मानने वाला रवैया और आत्मविश्वास जगाने की क्षमता ही उन्हें अन्य कोचों से अलग बनाती है।
यश ने कहा, "रिकी सर से मैंने अपने करियर में जो सबसे बड़ा सबक सीखा है, वह यह है कि मुकाबलों में परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, आपको हमेशा जीतने के बारे में सोचना चाहिए।"