वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में नहीं मिलेगा मौका? श्रेयस अय्यर का खुलासा
क्या है खबर?
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उनके व्यक्तित्व के पहलुओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी मैदान के बाहर शांत और सहज रहते हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही उनका अंदाज बदल जाता है। उन्होंने ये भी कहा कि अभी विश्व कप विजेता सलामी जोड़ी (संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा) मौके पाने के ज्यादा हकदार हैं।
बयान
सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली और हुनरमंद- श्रेयस
जियोस्टार से बातचीत में श्रेयस ने कहा, "मैं सूर्यवंशी से मैदान के बाहर वह क्या करते हैं, इसे लेकर बातचीत करता रहता हूं। क्योंकि हर कोई उनसे क्रिकेट के बारे में बात करता है। हम जानते हैं कि वह कितने प्रतिभाशाली और हुनरमंद हैं। इसलिए क्रिकेट से बाहर उनकी जीवनशैली, परिवार, वह क्या करते हैं और उन्हें किस चीज से ज्यादा उत्साह मिलता है, इन बातों को जानना उन्हें खुद को बेहतर तरीके से व्यक्त करने में मदद करता है।"
खतरनाक
विश्व कप विजेता सलामी बल्लेबाज मौका पाने के हकदार- श्रेयस
श्रेयस ने आगे कहा, "सूर्यवंशी बहुत शांत है, लेकिन मैदान पर बेहद आक्रामक है। उसको देखकर उनका शांत और आक्रामक व्यक्तित्व एक विडंबना जैसा लगता है। वह बेहद मिलनसार और प्यारे स्वभाव का हैं और ड्रेसिंग रूम में उसका साथ अच्छा लगता है। उसे अपना समय जरूर मिलेगा। फिलहाल टीम में विश्व कप विजेता सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं और वे खेलने का मौका पाने के हकदार हैं। जब सूर्यवंशी को मौका मिलेगा तब वह निश्चित रूप से अपना दबदबा बनाएगा।"
जीत
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे सूर्यवंशी
सूर्यवंशी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे, जिसने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया।
श्रेयस ने स्पष्ट किया कि अनुभवी सलामी बल्लेबाजों के पीछे होना इस बात का संकेत नहीं है कि टीम को वैभव की प्रतिभा पर कोई संदेह है।
फाइनल मुकाबले में वैभव ने 9 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए थे। उनके बल्ले से 2 छ्क्के निकले थे। उनकी स्ट्राइक रेट 166.67 की रही थी।
बल्लेबाजी
खुद की बल्लेबाजी पर क्या बोले श्रेयस?
श्रेयस ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर कहा कि वह हमेशा परिस्थिति के हिसाब से खेलना चाहते हैं।
शुरुआती ओवरों में विकेट गिरते हैं तो वह टीम के लिए एक मजबूत मंच तैयार करते हैं और गेंदबाजों पर दबाव बनाना जानते हैं।
कप्तानी को लेकर उन्होंने कहा कि मैदान पर उतरते ही उनकी पहली प्राथमिकता सीरीज जीतने की होती है।
शुरुआती मैचों से ही प्लेइंग इलेवन में प्रयोग करने से खिलाड़ियों को असुरक्षा की भावना आती है जो वह नहीं चाहते।