संजू सैमसन को भारतीय टीम से बाहर किए जाने पर क्यों छिड़ी बहस?
क्या है खबर?
जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट टीम से संजू सैमसन को बाहर किए जाने से नई बहस छिड़ गई है। टी-20 विश्व कप 2026 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे सैमसन को बाहर करने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, उन्हें बाहर करने या आराम दिए जाने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस बीच BCCI के एक सूत्र ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए यह फैसला लेने की बात कही है।
बयान
युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए लिया फैसला
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, सूत्र ने कहा कि सैमसन एक वरिष्ठ खिलाड़ी हैं और 2026 एशियाई खेलों की टीम का भी हिस्सा हैं। ऐसे में युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए उन्हें जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर रखा गया था। उनकी वरिष्ठता को देखते हुए ऐसे खिलाड़ी को टीम में शामिल करने का क्या मतलब था जो खेलेगा ही नहीं। यह स्पष्टीकरण सैमसन को टीम से बाहर किए जाने पर हो रही आलोचनाओं के बीच आया है।
सुधार
सैमसन ने अपने प्रदर्शन में कैसे किया सुधार?
सैमसन अपने अनियमित प्रदर्शन के कारण आलोचनाओं का शिकार रहे हैं। इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में वह 5 मैचों में सिर्फ 46 रन बना पाए थे। हालांकि, उन्होंने टी-20 विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरणों में शानदार प्रदर्शन करके खुद को साबित कर दिया। उन्होंने क्रमशः 97*, 89 और 89 की पारियां खेली और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' पुरस्कार हासिल किया। उन्होंने IPL 2026 में 14 मैचों में 165.62 की स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए हैं।
मौका
अन्य खिलाड़ियों के लिए अवसर
सैमसन का हालिया प्रदर्शन खास नहीं रहा। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 5 और 0 रन बनाए। इसी तरह इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 में 1 रन बनाकर आउट हो गए। उसके बाद दूसरे मैच में वैभव सूर्यवंशी को उनकी जगह मौका दिया गया। सैमसन भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक ही प्रारूप खेलते हैं। उनके बाहर होने से अब रिंकू सिंह जैसे अन्य खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल गया है।
जानकारी
टी-20 में तीसरी सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट वाले भारतीय हैं सैमसन
सैमसन की टी-20 अंतरराष्ट्रीय में स्ट्राइक रेट 155.42 की है, जो 1,400 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में तीसरा सबसे अधिक है। वह केवल अभिषेक शर्मा (192.83) और सूर्यकुमार यादव (162.94) से ही पीछे हैं।