युवराज सिंह ने कमेंट्री से दूर रहने का क्यों किया फैसला? खुद किया खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम कें अधिकतर पूर्व खिलाफ कमेंट्री के जरिए नई पारी की शुरुआत करते हैं, लेकिन युवराज सिंह ने इससे दूरी बनाने का फैसला किया था। हालांकि, अब उन्होंने इसके पीछे की वजह का खुलासा कर दिया। उन्होंने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कहा कि वह उन लोगों के साथ काम नहीं करना चाहते जिन्होंने उनके बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां की हैं। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी भी पूर्व खिलाड़ी का नाम नहीं लिया।
कारण
युवराज ने बताया अपने फैसले के पीछे का कारण
भारत के सर्वश्रेष्ठ सीमित ओवरों के क्रिकेटरों में से एक युवराज ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्होंने व्यापार और खिलाड़ियों को व्यक्तिगत कोचिंग देने का काम शुरू किया। हालांकि, उन्होंने प्रसारण और कमेंट्री से परहेज किया। उन्होंने इस फैसले को समझाते हुए कहा, "मैं उन लोगों के साथ नहीं बैठना चाहता जिन्होंने मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। यही मुख्य कारण है कि मैं कमेंट्री नहीं करना चाहता।"
भूमिका
युवा खिलाड़ियों के करियर को आकार देने में युवराज की भूमिका
कमेंट्री से दूर रहने के बावजूद युवराज ने कई युवा खिलाड़ियों के करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने गृह राज्य पंजाब के अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह के साथ काम किया है। हाल ही में उन्होंने टी-20 विश्व कप 2026 से पहले संजू सैमसन का मार्गदर्शन भी किया। युवराज ने कहा, "संजू सैमसन की बात करें, जो 8-10 पारियों में असफल रहे। मैंने उनसे कहा कि जब भी उन्हें समय मिलेगा, हम बात करेंगे।"
सलाह
युवराज ने सैमसन को क्या दी थी सलाह?
युवराज ने सैमसन को अपने फुटवर्क में सुधार करने की सलाह दी और कहा कि यह उनके प्रदर्शन के लिए बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "अगर आप अपने फुटवर्क में सुधार नहीं करेंगे, तो आप लगातार मुश्किल में पड़ते रहेंगे।" पूर्व भारतीय मध्य क्रम के बल्लेबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 सीजन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत के साथ भी समय बिताया था। अब देखना यह है कि इसका कितना फायदा मिलता है।