कौन हैं 57 साल के शुभदीप घोष, जो भारतीय क्रिकेट टीम के नए फील्डिंग कोच बनेंगे?
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के नए फील्डिंग कोच के रूप में 57 साल के शुभदीप घोष की नियुक्ति तय मानी जा रही है। भारतीय टीम अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी, जो घोष के लिए इस नई भूमिका में पहला बड़ा कार्यभार होगा। वह टी. दिलीप की जगह लेंगे, जो 2021 से भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ का अहम हिस्सा रहे हैं। घोष के सामने अब टीम के फील्डिंग को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
प्रदर्शन
इस कारण नहीं बढ़ा दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट
दिलीप का पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया गया था, लेकिन हालिया इंग्लैंड दौरे के बाद उनका कार्यकाल आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया।
भारती क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम की फील्डिंग के प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया।
हाल के महीनों में भारतीय टीम की फील्डिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। ऐसे में बोर्ड ने सुधार के लिए नए नेतृत्व के साथ बदलाव किया है।
अनुभव
शुभदीप के पास है अच्छा अनुभव
शुभदीप को खेलने और कोचिंग का अच्छा अनुभव है। वह असम क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं।
क्रिकेट से जुड़ा अनुभव होने के कारण उन्होंने बाद में कोचिंग में भी अपनी खास पहचान बनाई।
वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। पिछले कुछ सालों में शुभदीप भारतीय टीम की अलग-अलग टीमों के साथ काम कर चुके हैं और कोचिंग की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
टीम
काफी समय से भारतीय टीम के साथ हैं शुभदीप
शुभदीप को 2020 में भारतीय टीम के साथ जोड़ा गया था। उन्होंने महिला टीम को कई अहम विदेशी दौरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दक्षिण अफ्रीका में हुए अंडर-19 विश्व कप के दौरान भी उन्होंने भारतीय टीम की फील्डिंग पर काम किया था।
शुभदीप 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष टीम के फील्डिंग कोच भी रहे, जहां टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। हाल ही में वह जिम्बाब्वे दौरे पर भी टीम के साथ थे।
रन
ऐसे रहा था शुभदीप का क्रिकेट करियर
अपने अनुभव के दम पर शुभदीप भारतीय पुरुष टीम की फील्डिंग से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं।
उनके क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 17 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेले थे, जिनकी 25 पारियों में 316 रन बनाए थे। उनकी औसत 12.64 की रही थी।
वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में घोष ने 17 मैचों की 17 पारियों में 307 रन अपने नाम किए थे। इस दौरान उन्होंने 20.46 की औसत से बल्लेबाजी की थी।