कौन हैं प्रवीण कुमार, जिन्हें पैरा खेलों में योगदान के लिए मिलेगा 'पद्मश्री'?
क्या है खबर?
भारतीय पैरा खिलाड़ी प्रवीण कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने पैरालंपिक समेत तमाम बड़े विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में पदक जीते हैं और देश का नाम रोशन किया है। 25 मई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले समारोह में प्रवीण को ये प्रतिष्ठित सम्मान मिलेगा। उन्होंने अपनी दिव्यांगता को पीछे छोड़ते हुए कई ऊंची छलांगे लगाई हैं। आइए उनके अब तक के सफर और उपलब्धियों के बारे में जानते हैं।
परिचय
उत्तर प्रदेश में जन्में हैं प्रवीण
15 मई, 2003 को प्रवीण का जन्म उत्तर प्रदेश के जिला गौतम बुध नगर के गोविंदगढ़ में किसान परिवार में हुआ। उनका जन्म से ही एक पैरा छोटा रहा था। उनकी ज़िंदगी में अहम मोड़ तब आया जब एक इंटर-स्कूल हाई जंप प्रतियोगिता में उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ मुकाबला किया, और अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद 2018 में कोच सत्यपाल सिंह की देखरेख में, उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ट्रेनिंग शुरू की।
बयान
संघर्षपूर्ण रहा पेशेवर खिलाड़ी बनने का सफर
प्रवीण का पेशेवर खिलाड़ी बनने का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने स्पोर्टस्टार से अपने संघर्ष के बारे में कहा था, "मेरे अध्यापक नहीं चाहते थे कि मैं हाई जंप में हिस्सा लूं, क्योंकि उन्हें लगता था कि मुझे चोट लग जाएगी। मेरा एक पैर दिव्यांग था, लेकिन दूसरा पैर बहुत मजबूत और लचीला था। मैंने जिद की और अपने स्कूल का सबसे अच्छा जंपर बन गया और फिर पूरे भारत का सबसे अच्छा जंपर।"
उपलब्धि
पैरालंपिक में 2 पदक जीत चुके हैं प्रवीण
2021 टोक्यो पैरालंपिक में मात्र 18 साल की उम्र में प्रवीण ने T64 कैटेगरी में 2.07 मीटर की छलांग लगाकर एशियाई रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता था। वे भारत की ओर से पैरालंपिक का पदक जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों की सूची में शुमार हुए थे। इसके बाद उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में अपने पदक का रंग बदला। उन्होंने 2.08 मीटर की छलांग लगाकर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण जीता था।
उपलब्धि
मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं प्रवीण
पैरालंपिक के 2 पदकों के अलावा प्रवीण 2025 में नई दिल्ली में आयोजित हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। उनके पास 2022 के एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक भी है। पैरा खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2024 का मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार मिल चुका है। प्रवीण फिलहाल दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनका लक्ष्य अपने वर्ग में विश्व रिकॉर्ड बनाने का है।
सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेगा 'पद्मश्री' का सम्मान
25 मई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रवीण काे 'पद्मश्री' से सम्मानित किया जाएगा। इस बार का सम्मान और भी खास माना जा रहा है, क्योंकि भारत सरकार 'पीपुल्स पद्म' यानी 'जनता का पद्म' की भावना पर जोर दे रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा छोटे इलाकों की प्रतिभाओं और गुमनाम नायकों तक अपनी पहुंच को बनाना है, जो समाज और कला के क्षेत्र में अपना याेगदान दे रहे हैं।