विंबलडन में लिएंडर पेस के बाद इतिहास रचने वाले टेनिस खिलाड़ी अर्नव पापरकर कौन हैं?
क्या है खबर?
युवा टेनिस सनसनी अर्नव पापरकर ने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दरअसल, वह जूनियर विंबलडन के बॉयज सिंगल्स वर्ग में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब हुए। वह 36 साल बाद इस टूर्नामेंट के इतिहास में अंतिम-8 में पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना अमेरिका के जॉर्डन ली के खिलाफ होगा। आइए उन करियर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
प्रदर्शन
विंबलडन में अब तक शानदार रहा पापरकर का प्रदर्शन
विंबलडन में पापरकर ने पहले दौर में ब्रिटेन के वाइल्डकार्ड खिलाड़ी को सीधे सेटों में 6-2. 6-2 से हराया। दूसरे दौर में अमेरिका के विश्व जूनियर नंबर-3 और ऑस्ट्रेलियन ओपन जूनियर फाइनलिस्ट कीटन हैंस को 6-2, 6-3 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसके बाद भी उन्होंने अपनी जीत की लय बरकरार रखी और प्री-क्वार्टरफाइनल में जापान के यो तबाता को 6-2, 6-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
सूची
लिएंडर पेस के बाद इतिहास रचने वाले वाले खिलाड़ी हैं अर्नव
पापरकर से पहले जूनियर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में लिएंडर पेस पहुंचे थे। बता दें कि पेस ने 1990 में इस खिताब पर कब्जा जमाया था। भारतीय टेनिस के इतिहास में रामनाथन कृष्णन 1954 विंबलडन जूनियर बॉयज सिंगल्स जीतने वाले पहले भारतीय और पहले एशियाई खिलाड़ी बने थे। उन्होंने फाइनल में एश्ले कूपर को हराया था। इसके बाद रमेश कृष्णन ने 1979 में फाइनल में डेविड सीगलर को 6-0, 6-2 से हराकर खिताब जीता था।
करियर
2023 में नेशनल अंडर-16 चैंपियन बने थे पापरकर
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पापरकर को 2023 के ऑस्ट्रेलियन ओपन अंडर-14 एशिया-पैसिफिक एलीट ट्रॉफी में पहला बड़ा ब्रेक मिला था। उसी साल कोल्हापुर में नेशनल अंडर-16 चैंपियन बने थे। इस जीत के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद 2024 में 16 साल की उम्र में उन्होंने एटीपी चैलेंजर स्तर पर करियर की शुरुआत की थी। इसी साल वह AITA अंडर-18 वर्ग में नंबर-1 खिलाड़ी बने हैं।
परिचय
बचपन से कई खेलों में दिलचस्पी रखते हैं अर्नव पापरकर
पापरकर बचपन से टेनिस, तैराकी, क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेल खेला करते हैं। जब वह 6 साल के थे, तब जिस जगह वे तैराकी करने जाते थे, उसके पास टेनिस कोर्ट था। यहीं से उनके टेनिस करियर की शुरुआत हुई। 18 वर्षीय पापरकर पुणे में कोच प्रोसोनजीत पॉल की देखरेख में हेमंत बेंद्रे टेनिस अकादमी में ट्रेनिंग करते हैं। वर्तमान में ITF जूनियर रैंकिंग में दुनिया में 19वें स्थान के खिलाड़ी हैं।