भारत की आयरलैंड के खिलाफ पहली सीरीज हार के क्या रहे 5 प्रमुख कारण?
क्या है खबर?
टी-20 विश्व चैंपियन भारतीय क्रिकेट टीम जब आरयलैंड दौरे पर गई तो किसी ने उम्मीद नहीं की थी उसे आयरलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ 2 मैचों की टी-20 सीरीज 2-0 से हार का सामना करना पड़ेगा। यह पहला मौका है जब आयरलैंड के खिलाफ मैच और सीरीज जीती है। इस हार ने भारतीय टीम की कई कमजोरियों और लगातार दोहराई गलियों को उजागर कर दिया है। आइए भारत की हार के 5 प्रमुख कारणों पर नजर डालते हैं।
#1
कमजोर टीम संयोजन और रणनीति
सीरीज शुरू होने से पहले ही सबसे बड़ी चर्चा प्लेइंग इलेवन को लेकर थी। कौन खेलेगा, कौन बाहर बैठेगा और कप्तान श्रेयस अय्यर की भूमिका क्या होगी? हालांकि, प्रबंधन अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश तय नहीं कर पाया। पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा कि भारत को हरफनमौला खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय विशेषज्ञ मध्यक्रम बल्लेबाज की जरूरत है। इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज अधिक सफल हो सकते हैं।
#2
शीर्ष क्रम की विफलता पड़ी भारी
टी-20 क्रिकेट में पहले 6 ओवर मैच की दिशा तय करते हैं, लेकिन भारत के सलामी बल्लेबाज लगातार वह शुरुआत नहीं दे सके, जिसकी जरूरत थी। पहले मैच में 16 रन और दूसरे मैच में शून्य की ओपनिंग साझेदारी हुई। इसी तरह ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर भी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए। नतीजा यह हुआ कि टीम का मध्यक्रम दबाव में उतरा और आक्रामक क्रिकेट की जगह विकेट बचाने की लड़ाई लड़ता रहा।
#3
डेथ ओवरों में बेहद खराब गेंदबाजी
डेथ ओवर (16 से 20) में भारतीय गेंदबाजों ने अत्यधिक रन लुटाए। भारतीय गेंदबाज आयरलैंड के बल्लेबाजों पर नकेल कसने में नाकामयाब रहे। प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों का काफी महंगा साबित होना टीम को भारी पड़ा। इसके उलट, आयरलैंड के युवा गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों और आखिरी ओवरों में बेहद अनुशासित गेंदबाजी की। दूसरे टी-20 में जय मूंदरा ने 3/32 विकेट लिए। मैट हॉलार्ड ने भी 3/26 का शानदार प्रदर्शन किया।
जानकारी
मध्यक्रम में धीमी बल्लेबाजी और बड़ी साझेदारियों का अभाव
भारतीय पारी के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण और लंबी साझेदारी नहीं बन सकी। निचले क्रम के बल्लेबाज रन रेट के दबाव में बिखर गए। मध्यक्रम और ऑलराउंडर्स तेजी से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे, जिसके कारण टीम दबाव में आकर हार गई।
#4
गेंदबाजों का उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन न करना
भारत की तेज गेंदबाजी लगातार चर्चा का विषय रही। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय गेंदबाजों अपनी गेंदबाजी में अधिक विविधता, खासकर यॉर्कर और डेथ ओवरों की योजनाओं पर काम करने की जरूरत है। इसी तरह तेज गेंदबाजों की असफलता के बाद विपक्षी बल्लेबाजों को बांधने के लिए टीम में विशेषज्ञ स्पिनर की भी कमी नजर आई।
#5
अहम मौकों पर कैच छोड़ना
सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता के अनुसार नहीं रही। पहले मुकाबले के दौरान भारतीय टीम ने अहम मौकों पर कैच टपकाए, जिससे आयरलैंड के बल्लेबाजों को जीवनदान मिला और उन्होंने बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। इसी तरह 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका न देना भी काफी चर्चा का विषय रहा, लेकिन टीम की हार में केवल इसे ही अहम कारण नहीं माना जा सकता है।