मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से खिलाड़ियों को क्या थी परेशानी? अजिंक्य रहाणे ने किया खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है। वैसे तो उनका 3 साल का अनुबंध 4 अक्टूबर, 2026 तक था, लेकिन एक सप्ताह पहले ही उनकी विदाई हो गई है। BCCI ने पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया है। इस बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने खुलासा किया है कि खिलाड़ियों को अगरकर से क्या परेशानी थी।
बयान
रहाणे ने क्या दिया बयान?
रहाणे ने कहा, "मुझे लगता है कि उन्होंने (अजीत अगरकर) ने बतौर मुख्य चयनकर्ता अपने कार्यकाल में कई बहादुरी भरे फैसले लिए। किसी को टीम से बाहर करना और किसी को टीम में लाना। ऐसे फैसले लेना कठिन होता है। वह ईशान किशन को टी-20 विश्व कप के लिए वापस लेकर आए और वरिष्ठ खिलाड़ियों को बाहर किया। बतौर चयनकर्ता और कोच का अपना लक्ष्य होता है कि किसे टीम में लाना है और कैसे आगे बढ़ना है।"
संवाद
खिलाड़ियों से बेहतर हो सकता था संवाद- रहाणे
रहाणे ने कहा, "उनके कार्यकाल में बस एक चीज यह लगी कि वह खिलाड़ियों से बेहतर सरीके से संवाद कर सकते थे। हमने कई खिलाड़ियों से सुना भी है, लेकिन फिर भी यह मुश्किल काम है। यह एक सराहना वाला काम नहीं है, लेकिन मुझे लगता है उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।"
बता दे कि रहाणे को अगरकर के कार्यकाल में टीम से बाहर किया गया था और फिर उन्होंने मौका नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने संन्यास ले लिया।
कार्यकाल
अगरकर के कार्यकाल पर एक नजर
अगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उनके कार्यकाल में भारतीय ICC के सफेद गेंदों के टूर्नामेंटों में सिर्फ 2 मुकाबले हारी। इनमें वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और 2026 टी-20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार शामिल है।
इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 टी-20 विश्व कप के साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन बहुत गिरा है।