वसीम अकरम का पाकिस्तान क्रिकेट के संकट पर अहम बयान, कहा- ताली दोनों हाथों से बजती
क्या है खबर?
पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय अपने इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजर रही है। टीम के प्रदर्शन में लगातार आ रही गिरावट और पूरे क्रिकेट सिस्टम में फैली अव्यवस्था को लेकर पूर्व महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने एक बड़ा और बेबाक बयान दिया है। अकरम ने साफ तौर पर माना है कि पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याएं इतनी गहरी हो चुकी हैं कि उनके अकेले के प्रयासों से भी इसे ठीक नहीं किया जा सकता है।
बयान
अकरम ने क्या दिया बयान?
अकरम ने 'द एथलेटिक' को दिए साक्षात्कार पाकिस्तान क्रिकेट को इस संकट से उबारने के लिए कुछ मदद करने के सवाल पर कहा, "पाकिस्तान में हमारे यहां एक कहावत है कि आप केवल 2 हाथों से ही ताली बजा सकते हैं। मुझसे हमेशा पूछा जाता है कि क्या मैं पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कुछ कर सकता हूं, लेकिन यह समस्या हमारी सोच से कहीं ज्यादा गहरी है।"
हालांकि, उन्होंने मौजूदा स्थिति पर अपनी सहानुभूति भी जताई है।
सीरीज
इंग्लैंड सीरीज में टीम के प्रदर्शन पर अकरम का बयान
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन पर अकरम ने कहा, "मुझे इस सीरीज से पहले ही पता था कि हम इंग्लैंड से 3-0 से हारने वाले हैं। हमारी बल्लेबाजी संघर्ष कर रही है, हमारी गेंदबाजी औसत से नीचे है और हमारी फील्डिंग तो उससे भी बदतर है। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है।"
उन्होंने कहा, "ये देश के शीर्ष खिलाड़ी हैं। इनके बैकअप के रूप में कुछ है ही नहीं। नीचे हमारा सिस्टम ही मौजूद नहीं है।"
क्रिकेट
घरेलू क्रिकेट पर भी दिया अहम बयान
अकरम ने घरेलू क्रिकेट पर कहा, "पिछले कुछ सालों में हमारा घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट का ढांचा पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा है और वहां न तो कोई निरंतरता है, न ही धैर्य। यही चीज फैंस (प्रशंसकों) तक भी पहुंचती है। वे टीम को हारते हुए देखते हैं और वे भी सब कुछ तोड़-फोड़ देना चाहते हैं। हम ऐसा पहले भी कई बार कर चुके हैं और अब वास्तव में कुछ भी नहीं बचा है।"
रणनीति
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की नई रणनीति
इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में खुद को क्लीन स्वीप से बचाने के लिए पाकिस्तान टीम ने बड़े बदलाव किए हैं।
टीम बुधवार से शुरू हुए तीसरे टेस्ट मैच में कई युवा खिलाड़ियों को डेब्यू कराने की तैयारी के साथ मैदान पर उतरी है।
हालांकि, अकरम के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि केवल टीम में चेहरे बदलने से संकट दूर नहीं होगा। इसके लिए पूरे सिस्टम को बुनियादी तौर पर सुधारना होगा।