वीवीएस लक्ष्मण ने खिलाड़ियों की CoE तक पहुंच बढ़ानें पर दिया जोर, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने इस विश्व स्तरीय सुविधा तक पहुंच को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि CoE का उपयोग केवल बोर्ड के केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ घरेलू और उभरते हुए खिलाड़ियों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट की मजबूती के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर से नीचे की नींव का मजबूत होना जरूरी है।
बयान
लक्ष्मण ने क्या दिया बयान?
लक्ष्मण ने TOI को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि CoE का मुख्य उद्देश्य केवल कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि हर स्तर पर प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा, "हमारा विचार संभावित प्रतिभाओं की जल्द पहचान करना और उन्हें विकसित होने के लिए सही माहौल देना है। CoE को किसी एक विशेष समूह के बजाय पूरे भारतीय क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र में अपना योगदान देना चाहिए।"
मदद
खिलाड़ी से कोच बनने के सफर में मदद
लक्ष्मण ने खिलाड़ी के संन्यास के बाद कोच बनने के बदलाव और चुनौतियों पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि प्रथम श्रेणी या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के पास ज्ञान और अनुभव का विशाल भंडार होता है, लेकिन खेलना और कोचिंग देना 2 पूरी तरह से अलग कौशल हैं। इस बदलाव को आसान बनाने के लिए CoE में खिलाड़ियों को विशेष रूप से संवाद, योजना, नेतृत्व और अपने अनुभव दूसरों को देने की कला सिखाई जा रही है।
शिविर
हर आयु वर्ग के लिए उच्च प्रदर्शन शिविर
लक्ष्मण ने खुलासा किया कि वर्तमान में CoE विभिन्न आयु वर्ग के पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए उच्च प्रदर्शन शिविर आयोजित कर रहा है।
उन्होंने कहा, "हम अब सालाना सीधे तौर पर 150 से अधिक खिलाड़ियों का समर्थन और मार्गदर्शन कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि CoE में महिला क्रिकेट के इर्द-गिर्द एक अधिक संरचित प्रणाली विकसित करने और विशेष रूप से महिला क्रिकेट के लिए कोच और सपोर्ट स्टाफ तैयार करने पर बड़ा निवेश हो रहा है।
संतुष्टि
युवाओं के भविष्य को संवारने में मिलती है व्यक्तिगत संतुष्टि
एक कोच और प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका पर खुशी व्यक्त करते हुए लक्ष्मण ने कहा कि CoE में युवा क्रिकेटरों, विशेष रूप से अंडर-19 श्रेणी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ते देखना उन्हें अत्यधिक मानसिक संतुष्टि देता है।
उन्होंने बताया कि उनका पूरा ध्यान इन युवाओं के भीतर केवल क्रिकेट कौशल ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में अनुशासन, लचीलापन और जागरूकता पैदा करने पर रहता है ताकि वे एक लंबा और सफल क्रिकेट करियर जी सकें।