वृद्धाश्रम में रह रहे हैं पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली, वीडियो हुआ वायरल
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी विनोद कांबली मुंबई के ठाणे स्थित एक वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। उन्होंने वहां से अपना संदेश साझा किया है। उनके संदेश के बाद कई क्रिकेट प्रशंसक उनकी सेहत को लेकर चिंतित नजर आए, हालांकि उनके सकारात्मक शब्दों से उन्हें राहत भी मिली। कांबली ने वहां मिल रही देखभाल के बारे में बात की। उन्होंने ठाणे के निडान सेंटर फॉर एल्डरली केयर में अपनी देखभाल को लेकर जानकारी साझा की है।
बयान
कांबली ने क्या कहा?
कांबली जहां रह रहे हैं, उसकी सुविधाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर वहां की साफ-सफाई और स्वच्छता को प्रथम श्रेणी का बताया।
कांबली ने कहा कि उन्हें वहां काफी अपनापन और स्नेह मिला है, जिससे उन्हें सहज महसूस करने में मदद मिली।
कांबली ने अपने बयान से यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें वहां रहते हुए घर से दूर होने जैसा महसूस नहीं होता और वह खुद को सहज महसूस करते हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें कांबली का वीडियो
सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त विनोद कांबली आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है, उन्होंने ने भावुक कर देने वाला सन्देश दिया है....
— Adesh_26 (@SonOfBharat_88) September 26, 2026
कभी एक बड़े क्रिकेटर थे जो आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है.... ईश्वर की भी अजब लीला है 🙏🏻 pic.twitter.com/nhK6yiVaCl
स्वास्थ
कांबली पिछले कुछ सालों में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं
कांबली पिछले कुछ सालों में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते रहे हैं।
दिसंबर 2024 में उन्हें लो ब्लड प्रेशर और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के बाद ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों ने जांच के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी पाया था, जिसका असर उनकी मांसपेशियों और चलने-फिरने की क्षमता पर पड़ रहा था।
इसके अलावा उनके मस्तिष्क में पुराने रक्त के थक्के भी मिले थे जो पहले हुए स्ट्रोक से जुड़े थे।
जानकारी
जनवरी 2025 में मिली थी कांबली को अस्पताल से छुट्टी
जनवरी 2025 में करीब 2 सप्ताह तक इलाज के बाद कांबली को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद कांबली सार्वजनिक तौर पर नजर आए थे, हालांकि उनकी सेहत और चलने-फिरने की क्षमता को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुईं थी।
करियर
कैसा था कांबली का क्रिकेट करियर
कांबली ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 1991 में वनडे और 1993 में टेस्ट में डेब्यू किया था।
वह टेस्ट में लगातार दोहरे शतक लगाने वाले पहले भारतीय भी बने थे।
उन्होंने 17 टेस्ट में 1,084 रन बनाए थे, जिसमें 4 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने कुल 104 वनडे मैचों में 2,477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल थे।
वह भारत के लिए सबसे तेज 1,000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे हैं।