भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को हराया, ये बने रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए एकमात्र टेस्ट में इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम को 270 रनों से हरा दिया। इसके साथ भारतीय टीम ने इस प्रतिष्ठित मैदान पर खेले गए पहले ऐतिहासिक महिला टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। भारत ने मैच की चौथी पारी में इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन पूरी इंग्लिश टीम 186 रन पर ढेर हो गई।
लेखा-जोखा
भारत ने इस तरह दर्ज की ऐतिहासिक जीत
भारत ने पहली पारी में स्मृति मंधाना (83) की पारी से 285 रन का स्कोर खड़ा किया था।
जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। भारत से क्रांति गौड़ ने सर्वाधिक 5 विकेट चटकाए।
भारत ने दूसरी पारी यास्तिका भाटिया (113) और मंधाना (70) की पारियों से 341/7 के स्कोर पर घोषित की और इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का लक्ष्य दिया।
जवाब में इंग्लिश टीम 186 रन पर ढेर हो गई।
संघर्ष
इंग्लैंड के लिए जोंस और एक्लेस्टोन ने किया संघर्ष
इंग्लैंड की ओर से चौथी पारी में केवल एमी जोंस और सोफी एक्लेस्टोन ने ही संघर्ष किया। दोनों ने अर्धशतकीय पारियां खेली।
जोंस ने 80 गेंदों में 6 चौकों से 54 रन बनाए, जबकि एक्लेस्टोन ने 66 गेंदों में 6 चौकों से 50 रन बनाए।
भारत से स्नेह राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए।
उनके अलावा सायली सतघरे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट अपने नाम किए।
रिकॉर्ड
लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनी भाटिया
भारत की दूसरी पारी में भाटिया ने शानदार शतकीय पारी (113) खेली। इसके साथ ही वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गईं।
बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने 86 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने तीसरे दिन के दूसरे सत्र के दौरान अपनी पारी को शतक में तब्दील किया।
वह 158 गेंदों में 113 रन बनाकर आउट हुई, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। यह भाटिया का किसी भी प्रारूप में पहला शतक रहा।
गेंदबाजी
एक्लेस्टोन ने चौथी बार लिया 5 विकेट हॉल
इंग्लैंड की स्पिनर एक्लेस्टोन ने भारत की दूसरी पारी में 33.3 ओवर गेंदबाजी करते हुए 118 रन देकर 5 विकेट चटकाए।
उन्होंने टेस्ट में चौथी बार कम से कम 5 विकेट लेने का कारनामा किया।
टेस्ट क्रिकेट में महिला क्रिकेट में उनसे ज्यादा 5 विकेट हॉल सिर्फ इंग्लैंड की मैरी डुगन और भारत की शुभांगी कुलकर्णी ने (5-5 बार) लिए हैं।
वहीं, न्यूजीलैंड की जैकी लॉर्ड और ऑस्ट्रेलिया की बेट्टी विल्सन 4-4 बार 5 विकेट हॉल ले चुकी हैं।
बल्लेबाजी
मंधाना ने दोनों पारियों में जड़े अर्धशतक
भारत की सलामी बल्लेबाज मंधाना ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों पारियों में अर्धशतक जड़े।
उन्होंने पहली पारी में 108 गेंदों में 11 चौके और एक छक्के से 83 रन की पारी खेली थी।
इसके बाद दूसरी पारी में 130 गेंदों में 70 रन बनाए। इसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।
उनके अब टेस्ट करियर में 5 अर्धशतक हो चुके हैं, जिनमें से 4 इंग्लैंड के खिलाफ ही आए हैं। उन्होंने भारतीय टीम को मजबूती दी।
उपलब्धि
मंधाना बनीं भारत के लिए दूसरे सर्वाधिक 50+ स्कोर बनाने वाली बल्लेबाज
दूसरी पारी में बनाए अर्धशतक के साथ ही मंधाना के नाम बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
वह अब भारत के लिए टेस्ट में दूसरे सर्वाधिक 50+ स्कोर बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने 7 बार यह कारनामा किया है, जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं।
इस सूची में पूर्व बल्लेबाज संध्या अग्रवाल पहले पायदान पर हैं, जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 8 बार यह कारनाम किया था, जिसमें 4 शतक और 4 अर्धशतक शामिल थे।
रिकॉर्ड
लॉर्डस में 5 विकेट हॉल लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनी क्रांति गौड़
इंग्लैंड की पहली पारी में 5 विकेट लेने वाली भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के नाम भी बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
वह अब इस प्रतिष्ठित मैदान पर 5 विकेट हॉल लेने वाली दुनिया की पहली महिला गेंदबाज बन गई हैं।
इस प्रदर्शन के दम पर वह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
यह गौड़ के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा।
रिकॉर्ड
गौड़ बनीं 5 विकेट हॉल लेने वाली सबसे युवा भारतीय महिला
गौड़ टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट लेने वाली भारत की सबसे युवा महिला तेज गेंदबाज बनी हैं। उन्होंने 22 साल 334 दिन की उम्र में यह कारनामा किया है।
उन्होंने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2005 में इंग्लैंड के खिलाफ 22 साल और 362 दन की उम्र में यह कमाल किया था।
इस तरह गौड़ 5 विकेट लेने वाली भारत की केवल तीसरी महिला तेज गेंदबाज हैं। उनसे पहले गार्गी बनर्जी और गोस्वामी ही ऐसा कर पाई थी।