टी-20 अंतरराष्ट्रीय: डेब्यू मुकाबले में इन बल्लेबाजों ने बनाए हैं 90 से ज्यादा रन
क्या है खबर?
टी-20 क्रिकेट में डेब्यू मुकाबला हर खिलाड़ी के लिए खास होता है। इस प्रारूप में बल्लेबाजों के पास खुद को साबित करने के लिए ज्यादा समय नहीं होता। हालांकि, कुछ खिलाड़ियों ने अपने पहले ही मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए यादगार प्रदर्शन किया है। कई बल्लेबाजों ने डेब्यू मुकाबले में जोरदार पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। ऐसे में आइए उन बल्लेबाजों पर नजर डालते हैं जिन्होंने अपने पहले ही टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 90+ रन बनाए।
#1
रिकी पोंटिग (98* रन, साल-2005)
पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज रिकी पोंटिग हैं।
उन्होंने साल 2005 में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
बतौर कप्तान उस मैच में उन्होंने 55 गेंदों का सामना कर नाबाद 98 रन बना दिए थे। उनके बल्ले से 8 चौके और 5 छक्के निकले थे। उनकी स्ट्राइक रेट 178.18 की रही थी।
ऑस्ट्रेलिया ने 214/5 का स्कोर बनाया था। जवाब में कीवी टीम 170 रन ही बना पाई थी।
#2
जो रूट (90* रन, साल-2013)
दूसरे स्थान इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट हैं। उन्होंने अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था।
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कंगारू टीम ने 248/6 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया था।
जवाब में रूट ने 49 गेंदों का सामना कर 90* रन बनाए थे। उनके बल्ले से 13 चौके और एक छक्का निकला था। उनकी स्ट्राइक रेट 183.67 की थी।
उस मैच में इंग्लैंड को 39 रन से हार मिली थी।
#3
सबावून दाविजी (91 रन, साल-2019)
तीसरे स्थान पर चेक गणराज्य के सलामी बल्लेबाज सबावून दाविजी हैं।
उन्होंने अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2019 में माल्टा क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था।
बतौर सलामी बल्लेबाज दाविजी ने उस मैच में 65 गेंदों का सामना कर 91 रन बनाए थे। उनके बल्ले से 8 चौके और 3 छक्के निकले थे। उनकी स्ट्राइक रेट 140 की रही थी।
चेक गणराज्य ने 148/5 का स्कोर बनाया था। जवाब में माल्टा केवल 136 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
#4
अबीदुल्लाह कोटवा (93* रन, साल- 2026)
सूची में चौथे स्थान पर ऑस्ट्रिया क्रिकेट टीम के अबीदुल्लाह कोटवा हैं।
उन्होंने साल 2026 में हंगरी के खिलाफ अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था और केवल 26 गेंदों में नाबाद 93 रन बना दिए थे।
उनके बल्ले से 2 चौके और 12 छक्के निकले थे। उनकी स्ट्राइक रेट 357.69 की रही थी।
ऑस्ट्रिया ने उस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 322/7 का स्कोर खड़ा कर दिया था। हंगरी केवल 165 रन पर ऑलआउट हो गई थी।