टी-20 अंतरराष्ट्रीय: अंतिम ओवर में सबसे कम रन बचाकर जीत दिलाने वाले भारतीय गेंदबाज
क्या है खबर?
टी-20 क्रिकेट में अंतिम ओवर का रोमांच अलग ही स्तर पर होता है। इस ओवर में गेंदबाज पर कम रन बचाने की जिम्मेदारी हो तो दबाव और बढ़ जाता है। भारतीय क्रिकेट में भी ऐसे कई मौके आए हैं, जब गेंदबाजों ने आखिरी ओवर में अपनी सटीक गेंदबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। ऐसे में आइए उन भारतीय गेंदबाजों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने आखिरी ओवर में सबसे कम रन बचाकर टीम को जीत दिलाई।
#1
जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल (7 रन)
पहले स्थान पर जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल हैं। दोनों ने आखिरी ओवर में 7 रन बचाते हुए भारतीय टीम को जीत दिलाई है।
बुमराह ने साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ ये किया था। इंग्लैंड 145 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थी और 139/6 का स्कोर ही बना पाई। बुमराह ने 2/20 के आंकड़े दर्ज किए।
5 ओवर के मैच में जापान 33 रन नहीं बना पाई। अक्षर ने 2 ओवर में 7 रन खर्च किए थे।
#2
अर्शदीप सिंह (9 रन)
साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम भारत के दौरे पर आई थी।
सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 161 रन का लक्ष्य दिया था।
आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे और गेंद तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के हाथों में थी। अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी के कारण ऑस्ट्रेलिया 154/8 रन का स्कोर ही बना पाई।
भारतीय टीम को 6 रन से जीत मिली। अर्शदीप ने ओवर में केवल 3 रन खर्च किए।
#3
हार्दिक पांड्या (10 रन)
साल 2016 के टी-20 विश्व कप का 25वां मुकाबला भारत और बांग्लादेश क्रिकेट टीम के बीच खेला गया था।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146/7 का स्कोर बनाया था। जवाब में बांग्लादेश को आखिरी ओवर में जीत के लिए 10 रन चाहिए थे।
हार्दिक पांड्या ने उस ओवर में केवल 9 रन दिए और भारतीय टीम को एक रन से शानदार जीत मिल गई।
हार्दिक ने 3 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट लिए थे।
#4
अक्षर पटेल और जोगिंदर शर्मा (12 रन)
साल 2007 में टी-20 विश्व कप का पहला संस्करण खेला गया था। फाइनल में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5 रन से हराया था।
आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 12 रन चाहिए थे और जोगिंदर शर्मा ने सिर्फ 7 रन खर्च किए।
ऐसे ही 2023 में भारत और श्रीलंका के बीच वानखेड़े स्टेडियम में टी-20 मुकाबला हुआ था।
आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 12 रन चाहिए थे, लेकिन अक्षर ने केवल 7 रन दिए।