
टोक्यो पैरालंपिक: सुमित अंतिल ने जीता स्वर्ण पदक, जैवलिन थ्रो में बनाया विश्व रिकॉर्ड
क्या है खबर?
भारत के लिए टोक्यो पैरालंपिक में आज का दिन बेहतर से बेहतर होता जा रहा है। स्वर्ण से दिन की शुरुआत के बाद भारत को अब दूसरा स्वर्ण भी मिल गया है। सुमित अंतिल ने F64 वर्ग के जैवलिन थ्रो में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
जैवलिन थ्रो में आज के दिन का भारत का यह तीसरा पदक है। इससे पहले भारत ने F46 वर्ग में दो पदक जीते थे।
ट्विटर पोस्ट
सुमित ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
G🥇LD FOR INDIA! 🇮🇳
— #ParaAthletics #Tokyo2020 (@ParaAthletics) August 30, 2021
Sumit Sumit wins #gold in the men's javelin throw F64 with a new world record of 68.08!
First #ParaAthletics gold medal for @ParalympicIndia at #Tokyo2020 #silver Michal Burian #AUS 66.29 #bronze Dulan Kodithuwakku #SRI 65.61 #Paralympics pic.twitter.com/RxI9nZmyEU
प्रदर्शन
इस तरह रहा सुमित का प्रदर्शन
पहली बार पैरालंपिक खेलों में खेलते हुए सुमित ने जेवलिन थ्रो के F-64 इवेंट के अपने पहले प्रयास में 66.95 मीटर की दूरी तय की थी। दूसरे प्रयास में उन्होंने 68.08 मीटर की दूरी के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया।
तीसरे प्रयास में 65.27 और चौथे प्रयास में 66.71 मीटर के बाद पांचवें प्रयास में उन्होंने 68.55 मीटर की दूरी के साथ अपने विश्व रिकॉर्ड को और बेहतर किया।
सपना
पहलवान बनना चाहते थे सुमित
हरियाणा के सोनीपत के खेवड़ा गांव के रहने वाले सुमित पहलवान बनना चाहते थे और वह इसके लिए ट्रेनिंग भी ले रहे थे। हालांकि, 2015 में एक सड़क हादसे ने उनके इस सपने को हमेशा के लिए खत्म कर दिया था।
अखाड़े से वापस आते समय सुमित एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए थे और इसकी वजह से उनके बाएं पैर को घुटने के पास से काटना पड़ा था।
2018
2018 में शुरु हुई सुमित के जैवलिन थ्रो की कहानी
लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के बावजूद सुमित ने खेल में करियर बनाने का सपना नहीं छोड़ा और 2018 में उनकी मुलाकात नवल सिंह से हुई। नवल ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में सुमित की ट्रेनिंग शुरु कराई।
इसके बाद से सुमित ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ते गए। दो साल पहले ही नवल ने कहा था कि सुमित टोक्यो में 70 मीटर के करीब पहुंच सकते हैं।