श्रीसंत का गौतम गंभीर पर तीखा हमला, कहा- भारतीय टीम को उनकी जरूरत नहीं
क्या है खबर?
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम को मौजूदा व्यवस्था में गंभीर की जरूरत नहीं है। टीम को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह के मार्गदर्शक से बेहतर लाभ मिलेगा। द लल्लनटॉप पर साक्षात्कार में श्रीसंत ने कहा कि टीम को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसका खिलाड़ी सचमुच सम्मान करते हों। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
बयान
श्रीसंत ने क्या दिया बयान?
शो में श्रीसंत से पूछा गया कि भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ घरेलू मैदान पर टेस्ट मैच जीतने में इतनी मुश्किल क्यों होती है? सवाल को बीच में रोकते हुए उन्होंने कहा, "कोच कौन था? दोस्त, कोच बदल दो। भारत को एक मार्गदर्शक की जरूरत है, कोच की नहीं।" उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी शो के लिए निर्देशक महत्वपूर्ण होता है, उसी प्रकार एक कोच की भी उतनी ही अहम भूमिका होती है।
आवश्यकता
श्रीसंत ने टीम में मार्गदर्शक की आवश्यकता पर दिया बल
श्रीसंत ने समझाया कि अंतरराष्ट्रीय टीमों को पारंपरिक कोचों के बजाय मार्गदर्शकों की आवश्यकता है। उन्होंने गंभीर के कोचिंग के तरीके पर चिंता जताते हुए कहा, "पूर्व भारतीय बल्लेबाज खिलाड़ियों पर अत्यधिक दबाव डालते हैं और फिर धोनी का उदाहरण देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय टीम को ऐसे कोच की जरूरत नहीं होती जो खिलाड़ियों पर दबाव डाले और असफल होने पर उन्हें टीम से बाहर कर दे, ऐसा कुछ जो धोनी ने नहीं किया।"
दावा
खिलाड़ियों में आत्मविश्वास पैदा करने से मिलती है जीत- श्रीसंत
श्रीसंत ने कहा कि भले ही राय अलग-अलग हों, भारत की जीत धोनी की मानसिकता और उनके द्वारा अपने साथियों के बीच पैदा किए गए आत्मविश्वास के कारण संभव हो सकी थी। उन्होंने कहा, "सबसे पहले आपको एक भाई होना चाहिए। आप सिर्फ जीतने पर हंसे और हारने पर गुस्सा नहीं कर सकते। आपने देश के लिए अच्छा काम किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे कोशिश नहीं कर रहे। कोच की बजाय मार्गदर्शक को प्राथमिकता दें।"
श्रेय
श्रीसंत ने टी-20 विश्व कप की जीत का श्रेय गंभीर को देने से किया इनकार
श्रीसंत ने इसे भी खारिज किया कि भारत की टी-20 विश्व कप 2026 जीत के लिए गंभीर पूरी तरह से जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा, "जब टीम ने विश्व कप जीता, तो सारा श्रेय गंभीर को गया, लेकिन अगर संजू सैमसन नहीं होते, सूर्यकुमार यादव कप्तानी नहीं करते और सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव नहीं किए जाते, तो क्या हम मैच जीत पाते? क्या मैदान पर फैसले कोच ले रहे थे? इसे पूरा श्रेय गंभीर को देना सही नहीं है।"