खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता निलंबित की, जानिए कारण
क्या है खबर?
भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने बुधवार (12 अगस्त) को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की आधिकारिक मान्यता निलंबित कर दी है। दरअसल, मंत्रालय ने निलंबन की वजह के तौर पर TTFI के समय पर चुनाव न करा पाने और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने का हवाला दिया है। इसके साथ-साथ खेल का अस्थायी प्रशासन भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के माध्यम से एड-हॉक कमेटी को सौंपने का निर्देश दिया है।
बयान
एड-हॉक कमेटी करेगी भारत की टेनिस का अस्थाई संचालन
न्यूज-18 के मुताबिक मंत्रालय ने आदेश में कहा, "IOA, इंटरनेशनल बॉडी (ITTF) से सलाह करके सिस्टम बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इसमें एक एड-हॉक कमेटी बनाना भी शामिल है, और यह तब तक किया जाएगा जब तक TTFI में ठीक तरह से स्ट्रक्चर फिर से बहाल नहीं हो जाता।"
TTFI पिछले कुछ सालों से शासन संबंधी विवादों के कारण चर्चा में रहा है।
इससे पहले भी संघ में चुनाव, अधिकारियों के निलंबन से जुड़े मुद्दे सामने आ चुके हैं।
विवाद
पहले भी विवादों में रहा है TTFI का काम
2021 में भारत की शीर्ष खिलाड़ी मनिका बत्रा ने नेशनल कोच सौम्यदीप रॉय पर गंभीर आरोप लगाए थे।
बत्रा ने दावा किया था कि उन्हें कोच ने सुतिर्था मुखर्जी के खिलाफ ओलंपिक क्वालीफायर मैच हारने को कहा था।
हितों के इस गंभीर टकराव को देखते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने 2022 में TTFI की एग्जीक्यूटिव कमेटी को निलंबित कर दिया और इसके कामकाज के तरीके को 'बेहद खराब स्थिति' करार दिया।
विवाद
2026 में फिर TTFI से भिड़ी थी मनिका बत्रा
हाल ही में जून 2026 में, TTFI ने बत्रा को एशियाई खेलों के लिए सिर्फ रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना था। इसकी वजह घरेलू टूर्नामेंटों में उनकी गैर-मौजूदगी बताई गई थी।
बत्रा ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और TTFI पर अपने ही नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया था।
भारतीय टेनिस स्टार का कहना था कि नियमों के मुताबिक, चयन समिति में अधिकतम 7 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन TTFI ने 9 सदस्यों वाली समिति बनाई थी।
विवाद
विवाद में रहे थे महासचिव कमलेश मेहता
इस साल की शुरुआत में TTFI की वार्षिक बैठक (AGM) में कमलेश मेहता को उनके महासचिव के पद से हटाया गया था।
उन पर एकतरफा SGM बुलाने, वित्तीय अनियमितताएं, SAI फंड का गलत इस्तेमाल और हितों के टकराव के आरोप लगे थे।
लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने मई 2026 में इस निलंबन को गलत ठहराया क्योंकि उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया था।
यह पूरी घटना TTFI के अंदर चल रहे सत्ता संघर्ष का हिस्सा थी।