टेस्ट क्रिकेट: विदेशी धरती पर कैसा रहा है भारतीय कप्तान शुभमन गिल का प्रदर्शन?
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी। इस सीरीज में कप्तान शुभमन गिल के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी। विदेशी धरती पर उनका टेस्ट रिकॉर्ड अब तक शानदार रहा है। यह पहली बार होगा जब वह श्रीलंका में टेस्ट खेलते नजर आएंगे। ऐसे में स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाने वाली श्रीलंकाई पिचों पर वह खुद को साबित करना चाहेंगे। आइए भारत से बाहर उनके आंकड़ों पर नजर डालते हैं।
विदेशी
विदेशी धरती पर ऐसे हैं गिल के आंकड़े
विदेशी धरती पर गिल ने अपना पहला मुकाबला 2020 में खेला था। अब तक उन्होंने 18 मैच खेले हैं और इसकी 34 पारियों में 43.84 की औसत से 1,403 रन बनाने में सफल रहे हैं।
उनके बल्ले से 5 शतक और 2 अर्धशतक निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्करो 269 रन है।
तटस्थ स्थानों पर इस खिलाड़ी ने 2 मुकाबले खेले हैं और इसकी 4 पारियों में 16.75 की औसत से 67 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 28 रन है।
एशिया
एशिया में ऐसे रहे हैं गिल के आंकड़े
एशिया में गिल ने अब तक 23 टेस्ट मैच खेले हैं और इसकी 40 पारियों में 47.31 की औसत से 1,656 रन बनाए हैं।
उनके बल्ले से 7 शतक और 6 अर्धशतक निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 129* रन रहा है।
इस खिलाड़ी ने भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में टेस्ट मैच खेले हैं।
अपने टेस्ट करियर में इस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रन (1,346) इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ बनाए हैं।
फॉर्म
कमाल के फॉर्म में चल रहे हैं गिल
गिल ने इस साल सिर्फ एक टेस्ट मैच अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला है और उस मुकाबले में उन्होने 126 रन की शानदार पारी खेली थी।
वहीं, 2025 में इस खिलाड़ी ने 9 टेस्ट मैच खेले थे। इसकी 16 पारियों में उन्होंने 70.21 की उम्दा औसत के साथ 983 रन बनाए थे।
उनके बल्ले से 5 शतक और एक अर्धशतक निकला था। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन रहा था।
करियर
गिल के टेस्ट करियर पर एक नजर
गिल ने अपना पहला टेस्ट मैच साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था।
उन्होंने अब तक 41 मुकाबले खेले हैं और इसकी 74 पारियों में 44.31 की औसत के साथ 2,969 रन बनाने में सफल रहे हैं।
उनके बल्ले से 11 शतक के अलावा 8 अर्धशतक भी निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन का रहा है।
वह अपने टेस्ट करियर में 5 बार बिना खाता खोले भी पवेलियन लौटे हैं।