शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला शतक लगाया, ये बनाए रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 10वां और वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला ही शतक रहा है, जिसे उन्होंने 96 गेंदों में पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने पहले वनडे में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। ऐसे में आइए उनकी पारी और आंकड़ों पर एक नजर डाल लेते हैं।
पारी
ऐसी रही गिल की पारी और साझेदारी
गिल को मैच में एक बड़ा जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने खूब फायदा उठाया।
पहले विकेट के लिए उन्होंने रोहित शर्मा के साथ 72 गेंदों में 74 रन की साझेदारी निभाई। रोहित 35 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद गिल ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी आगे बढ़ाई।
वेस्टइंडीज के सभी गेंदबाज गिल के सामने बेअसर नजर आए। कप्तान के तौर पर उनके बल्ले से निकला यह दूसरा शतक रहा।
आंकड़े
वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐसे हैं गिल के आंकड़े
वेस्टइंडीज के खिलाफ गिल ने अपना पहला वनडे मुकाबला साल 2022 में खेला था।
उन्होंने अब तक 7 मुकाबले खेले हैं और इसकी 7 पारियों में 80 से ज्यादा की औसत से 400 से अधिक रन बनाए हैं।
उनके बल्ले से एक शतक के अलावा 4 अर्धशतक भी निकले हैं।
गिल ने अपने वनडे करियर में सबसे ज्यादा रन (758) न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ बनाए हैं। इस टीम के खिलाफ उनकी औसत 63.16 की रही है।
करियर
ऐसा रहा है गिल का करियर
गिल ने भारत के लिए अपना पहला वनडे साल 2019 में खेला था।
उन्होंने अब तक 68 मुकाबले खेले हैं और इसकी 67 पारियों में 60 से ज्यादा की औसत और 100 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 3,400 से ज्यादा रन बनाने में सफल रहे हैं।
उनके बल्ले से 21 अर्धशतक के अलावा 10 शतक भी निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा है।
साल 2026 में गिल के बल्ले से निकला यह दूसरा शतक है।
तेज
गिल ने हासिल की थी यह उपलब्धि
वनडे क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर 3,000 रन पूरे करने के मामले में गिल ने खास उपलब्धि हासिल की है।
गिल ने यह मुकाम 61 पारियों में हासिल किया और इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला 55 पारियों में 3,000 रन पूरे कर सबसे तेज हैं।
रोहित ने 63 पारियों में ये कारनामा किया था। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने 65 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी।