दिग्गज भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन
क्या है खबर?
भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह हाल ही में म्यूनिख में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (ISSF) विश्व कप से लौट रहे थे, जहां यात्रा के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने उनके निधन की पुष्टि की है।
करियर
कौन थे जसपाल?
जसपाल 1990 के दशक में भारतीय निशानेबाजी के प्रमुख चेहरों में से एक रहे थे। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कई पदक जीते। वह देश के सबसे सफल पिस्टल निशानेबाजों में गिने जाते थे। राणा ने ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया, जब देश में यह खेल अभी विकसित हो रहा था और उनकी उपलब्धियों ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया।
कोचिंग
2012 से कोचिंग से जुड़े
जसपाल ने 2012 में राष्ट्रीय कोचिंग व्यवस्था से जुड़कर जूनियर पिस्टल कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली थी। अगले एक दशक में उन्होंने प्रतिभाशाली निशानेबाजों की मजबूत श्रृंखला तैयार की और कई खिलाड़ियों के साथ काम किया, जिन्होंने आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। उनके मार्गदर्शन में सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे प्रमुख खिलाड़ी निखरकर सामने आए। उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया और भारत लगातार विश्व स्तरीय पिस्टल निशानेबाज तैयार करता रहा।
कोच
मनु भाकर के कोच रहे जसपाल
उनके कोचिंग करियर का एक सबसे अहम अध्याय मनु भाकर के साथ उनका जुड़ाव रहा। एक महत्वपूर्ण दौर में उन्होंने मनु की तैयारी और तकनीकी विकास में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में मनु ने अपनी क्षमता को और निखारा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन किया। आगे चलकर पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु ने इतिहास रचते हुए महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
सम्मान
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित हुए थे जसपाल
खेल में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए भारतीय NRAI ने फरवरी 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का कोच नियुक्त किया था। इसके बाद भी वह राष्ट्रीय निशानेबाजी कार्यक्रम से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और देश के शीर्ष पिस्टल निशानेबाजों को प्रशिक्षण देते रहे। उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो भारतीय खेलों के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है।
दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी जसपाल को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'श्री जसपाल राणा जी का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने समर्पण के साथ युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उत्कृष्टता, अनुशासन और खेलों के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और पूरे खेल समुदाय के साथ हैं। ॐ शांति।'
ट्विटर पोस्ट
Twitter Post
Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 12, 2026
He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and…