NEET विवाद पर सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल की प्रतिक्रियाएं आईं सामने, छात्रों का किया समर्थन
क्या है खबर?
NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस व्यापक जन आंदोलन को देश के कई बड़े चेहरों का समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर और कप्तान शुभमन गिल ने भी अपनी-अपनी बात रखी है। दिलचस्प रूप से विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेंदुलकर ने अपने पिता रमेश तेंदुलकर से मिली सीख का एक किस्सा साझा किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है।
पोस्ट
तेंदुलकर ने लिखी दिल छूने वाली बात
तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मेरे पिता प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए मार्गदर्शक और सलाहकार थे। उन्होंने मुझे शुरू से ही एक बात सिखाई थी असफलता ठीक है, लेकिन धोखाधड़ी नहीं। समाज में वयस्क होने के नाते संस्कृति को आकार देने की जिम्मेदारी हमारी है। जो समाज कोशिश के बजाय नतीजों को प्राथमिकता देता है, वह योग्यता के बजाय शॉर्टकट को चुनेगा।'
पोस्ट
तेंदुलकर ने किया छात्रों का समर्थन
तेंदुलकर ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने आगे लिखा, 'आज जब छात्र निराश महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल नहीं मिला, तो यह बात समझ में आती है। हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो।'
हमें एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां कड़ी मेहनत का इनाम मिले, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और काबिलियत की जीत हो।'
गिल
हम हर छात्र के हित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे- गिल
इस बीच भारत के वनडे और टेस्ट कप्तान गिल ने इस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'एक युवा भारतीय के तौर पर मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को आकार देने का हर मौका मिलना चाहिए। मैं उन सभी युवाओं का बहुत सम्मान करता हूं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने में विश्वास रखते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम हर छात्र के हित को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे।'
ट्विटर पोस्ट
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INSTAGRAM STORY BY INDIAN CAPTAIN SHUBMAN GILL 🇮🇳 pic.twitter.com/Qf8HJctMTz
— Johns. (@CricCrazyJohns) July 23, 2026
दबाव
सरकार पर बढ़ रहा है चौतरफा दबाव
NEET पेपर लीक और उसके बाद शुरू हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
इसके बाद, संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्षी सांसद भी लगातार संसद में सरकार को घेर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने से मुद्दा पूरे देश में छा गया है।
सभी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, जबकि सरकार ने अभी तक इस्तीफे पर कुछ नहीं कहा है।