रोहित शर्मा को ही कप्तान होना चाहिए था- पूर्व भारतीय क्रिकेटर का बड़ा बयान आया सामने
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रोहित को ही वनडे टीम का कप्तान होना चाहिए। अक्टूबर 2025 में रोहित से कप्तानी ले ली गई थी और शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया गया था। जाफर का मानना है कि रोहित को वनडे विश्व कप 2027 तक टीम की कमान संभालनी थी। आइए पूरी खबर पर एक नजर डाल लेते हैं।
गिल
गिल को 2027 विश्व कप के बाद कप्तानी सौंप सकते थे- जाफर
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "रोहित को वनडे कप्तान के तौर पर बरकरार रखा जाना चाहिए था। उन्हें मुंबई इंडियंस (MI) का कप्तान भी बने रहना चाहिए था। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह फैसला पूरी तरह गलत था, क्योंकि गिल ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन जब आपके पास रोहित जैसा खिलाड़ी मौजूद हो तो उन्हें कप्तान होना चाहिए। आप 50 ओवर के विश्व कप के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी गिल को सौंप सकते थे।"
बयान
भुवनेश्वर का चयन कर किसी ने उनपर मेहरबानी नहीं की- जाफर
भुवनेश्वर को लेकर जाफर ने कहा, "देर आए, दुरुस्त आए। भुवनेश्वर टीम में जगह के हकदार हैं। उनका चयन कर किसी ने उनपर मेहरबानी नहीं की है। उनकी फॉर्म और फिटनेस दोनों अच्छी रही है। उन्हें इतने दिनों तक टीम से बाहर क्यों रखा गया, यह समझ से परे है। भुवनेश्वर IPL और यूपी टी-20 लीग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन जरूरी है।"
दिग्गज
सुनील गावस्कर रोहित के शतक ना लगाने से हो गए थे निराश
सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद कहा था, "रोहित के 92 रन पर आउट होने से मुझे जो निराशा हुई है। उसकी वजह यह है कि वह शतक नहीं बना सके। वह संभवतः वनडे विश्व कप 2027 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। उस समय पर जब वह संन्यास लेने का फैसला करें, मैं व्यक्तिगत रूप से यह चाहूंगा कि रोहित के वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से अधिक हो।"
रिकॉर्ड
लगातार रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं रोहित
एक तरफ जहां रोहित की जगह वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल को मौका देने की बात कही जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ रोहित रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में हुई वनडे सीरीज में सलामी बल्लेबाज के तौर पर वनडे में अपने 10,000 रन पूरे किए।
वह सबसे कम पारियों में इस आंकड़े को छूने वाले बल्लेबाज बने। वह भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर के बाद 10,000 रन बनाने वाले दूसरे सलामी बल्लेबाज बने।