रोहित शर्मा के खराब फॉर्म पर भारतीय कोच ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खराब फॉर्म से जूझ रहे रोहित शर्मा का बचाव किया है। दूसरे वनडे में भारतीय टीम को हार मिली, जिसके बाद सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। रोहित ने मैच में पावरप्ले के दौरान 18 गेंदों पर 10 रन बनाए और अंत में 47 गेंदों पर 26 रन बनाकर विल जैक्स की गेंद पर स्वीप शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए।
बयान
कोच ने रोहित को लेकर क्या कहा?
मैच के बाद जब कोच कोटक से पूछा गया कि क्या खराब फॉर्म के कारण रोहित पर दबाव है तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी किसी तरह का दबाव महसूस करते हैं। वह इतने शानदार खिलाड़ी हैं कि उन पर इस तरह की चीजों का असर नहीं पड़ता।"
उन्होंने आगे कहा कि भले ही रोहित बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हों, लेकिन इससे रोहित और टीम पर खास फर्क नहीं पड़ता है।
कोच
कोच ने जताया भरोसा, जल्द वापसी करेंगे रोहित
कोटक ने भरोसा जताया कि रोहित लॉर्ड्स में होने वाले अगले वनडे में दमदार वापसी करेंगे।
उन्होंने कहा, "लॉर्ड्स में आपको रोहित की बिल्कुल अलग पारी देखने को मिल सकती है। पिच पर डबल बाउंस के कारण रोहित अपने पसंदीदा शॉट सहजता से नहीं खेल पाए।"
उन्होंने यह भी कहा कि शुभमन गिल और विराट कोहली को शुरुआत में अपनी रेंज की गेंदें मिलीं, जबकि रोहित को वैसी गेंदें नहीं मिलीं जिन पर वह खुलकर बल्लेबाजी कर सकें।
संन्यास
रोहित ले सकते हैं संन्यास
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज के बाद रोहित संन्यास लेंगे।
दावा किया गया है कि चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता के रूप में टीम के साथ हैं और अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप के लिए 39 वर्षीय खिलाड़ी पर विचार नहीं किया जा रहा है।
रोहित ने अपनी पिछली 10 वनडे पारियों में 14, 75, 26, 24, 11, 16, 48, 79, 11 और 26 के स्कोर बनाए हैं।
कोच-कप्तान
कोहली और गंभीर के मतभेद की खबरों को कोटक ने किया खारिज
कोटक ने भारत की पारी के दौरान वॉशिंगटन सुंदर की हैमस्ट्रिंग चोट पर चिंता जताई और इसे गंभीर चोट बताया।
इसके अलावा उन्होंने कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया।
कोटक ने कहा कि दोनों ने मैच के दिन कई बार बातचीत की होगी।
उन्होंने साफ किया कि उनके बीच किसी तरह के संवाद की कमी नहीं है और न ही दोनों के बीच किसी स्तर पर बातचीत कराने की जरूरत है।