रविंद्र जडेजा को नहीं मिल रहा DRS का लाभ, 3 सालों में लगातार 22 रिव्यू असफल
क्या है खबर?
अपनी सटीक लाइन और लेंथ से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) के मामले में बेहद दुर्भाग्यशाली रहे हैं। श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भी जडेजा गेंद पर लिया गया DRS असफल हो गया। यह पिछले 3 सालों में टेस्ट क्रिकेट में लगातार 22वां मौका था, जब उनकी गेंद पर लिया गया DRS असफल रहा है। आइए उनके आंकड़ों पर नजर डालते हैं।
निरंतरता
कोलंबो टेस्ट में असफल हुआ 22वां रिव्यू
कोलंबो में श्रीलंका की पहली पारी के दौरान जडेजा की गेंद पर केशरा नुवांथा के खिलाफ LBW की जोरदार अपील के बाद कप्तान शुभमन गिल ने DRS की मांग की।
टीवी रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद ने पैड पर लगने से पहले नुवांथा के बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया था।
इसके चलते मैदानी अंपायर का 'नॉट आउट' का फैसला बरकरार रहा और भारत को अपना रिव्यू गंवाना पड़ा। यह उनकी गेंद पर लिया गया 22 वां असफल रिव्यू रहा।
परेशानी
जडेजा की गेंद पर लिए गए 22 में से 18 रिव्यू हुए बेकार
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 3 सालों में जडेजा की गेंदों पर भारतीय कप्तानों द्वारा लिए गए 22 रिव्यू में से 18 बार भारत को टीवी रिप्ले के बाद अपना रिव्यू गंवाना पड़ा था।
इसके उलट केवल 4 बार मैदानी अंपायर का फैसला आने पर रिव्यू बरकरार रहा है।
नियमों के अनुसार, किसी भी टीम द्वारा DRS लेने पर अगर अंपायर कॉल के कारण निर्णय नहीं बदलता है तो उस टीम का वह रिव्यू खत्म नहीं होता है।
सफलता
जडेजा को साल 2023 में आखिरी बार मिली थी DRS सफलता
जडेजा का आखिरी सफल DRS जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ डोमिनिका टेस्ट में आया था, जब अंपायर रिचर्ड केटलब्रॉ के नॉट आउट के फैसले को पलटते हुए उन्होंने केमार रोच को LBW आउट किया था।
दिलचस्प बात यह है कि उस सफल रिव्यू के बाद से जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 82 विकेट चटकाए हैं, लेकिन इनमें से एक भी विकेट उन्हें DRS में मैदानी अंपायर का फैसला पलटवाने से नहीं मिला है।
करियर
कैसा रहा है जडेजा का टेस्ट करियर?
जडेजा ने 2012 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था।
उन्होंने 91 टेस्ट की 136 पारियों में 37.81 की औसत से 4,160 रन बनाए हैं। इसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं।
इसी तरह उन्होंने 171 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 25.31 की औसत और 2.59 की इकॉनमी से 354 विकेट अपने नाम किए हैं।
इसमें 15 बार 5 विकेट हॉल भी शामिल है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/42 विकेट का रहा है।