रविचंद्रन अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर BCCI पर साधा निशाना, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने 15 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सोशल मीडिया के दबाव में आने की संभावना को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर निशाना साधा है। उनकी यह टिप्पणी सूर्यवंशी के इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद आई है। सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में डेब्यू किया था। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
डेब्यू
डेब्यू के बाद कुछ खास नहीं रहा सूर्यवंशी का प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद सूर्यवंशी ने 3 मैचों में क्रमश: 14, 13 और 15 के स्कोर किए। इसके बाद 5वें मुकाबले में उन्हें बाहर कर दिया गया।
उनके टीम में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और कई पूर्व क्रिकेटरों ने सूर्यवंशी के डेब्यू की मांग उठाई थी।
इस पर अश्विन ने सवाल उठाया कि क्या चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने जनता के दबाव में सूर्यवंशी को समय से पहले डेब्यू का मौका दे दिया?
सलाह
खिलाड़ियों को अपना समय लेने देना चाहिए- अश्विन
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि एक चयनकर्ता के रूप में वह सूर्यवंशी को चुनते, लेकिन खिलाड़ियों को अपना समय लेने देना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इस प्रक्रिया की तुलना इंटर्नशिप से की और याद किया कि कैसे उन्हें टेस्ट दौरे के दौरान खेलने के लिए कहा गया था।
हालांकि, जनता के दबाव के बावजूद उन्हें हमेशा टीम में शामिल नहीं किया जाता था क्योंकि प्रबंधन जानता है कि उसे मुकाबले के लिए क्या चाहिए।
अनुभव
अश्विन ने टीम से बाहर किए जाने का अनुभव साझा किया
अश्विन ने अच्छी फॉर्म के बावजूद इंग्लैंड दौरे के दौरान टीम से बाहर किए जाने का अपना अनुभव साझा किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीम प्रबंधन टीम के हित में जो सबसे अच्छा होता है, उसी के आधार पर निर्णय लेता है।
उन्होंने कहा, "ऐसे कई मौके आए जब मैं खेल सकता था, लेकिन ऐसे भी मौके आए जब फैसला 50-50 की स्थिति में था और ऐसे भी मौके आए जब मेरा फैसला सही साबित हुआ।"
राय
बाहरी शोर और टीम प्रबंधन पर अश्विन की राय
अश्विन ने आगे कहा कि अगर टीम में बाहरी शोर को आने दिया जाता है, तो यह प्रबंधन की गलती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि बाहरी दबाव टीम को कैसे विचलित कर सकता है और उनसे खिलाड़ियों पर इसके प्रभाव पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "अगर बाहरी दबाव टीम प्रबंधन को परेशान कर रहा है, तो उसे खिलाड़ियों के बारे में सोचना चाहिए। किसी भी दबाव में उठाए गए फैसले कभी सही साबित नहीं होते हैं।"