
पेरिस ओलंपिक 2024: भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को क्वार्टर फाइनल में मिली हार, सफर हुआ समाप्त
क्या है खबर?
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत की लवलीना बोरगोहेन का सफर समाप्त हो चुका है।
महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीन की ली कियान ने लवलीना को 4-1 से हरा दिया।
मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन चीनी मुक्केबाज की चुनौती को पार नहीं कर सकी।
ऐसे में लवलीना लगातार दूसरे ओलंपिक पदक जीतने से चूक गई।
आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
राउंड ऑफ-16
अपने पिछले मैच में होफस्टैड के खिलाफ जीता था मुकाबला
लवलीना ने पेरिस ओलंपिक 2024 में अपने पहले मैच में जोरदार प्रदर्शन किया था।
उन्होंने नॉर्वे की सुन्नीवा होफस्टैड के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
31 जुलाई को हुए मुकाबले में लवलीना के जोरदार मुक्कों का होफस्टैड के पास कोई जवाब नहीं दिखा था और आखिरकार भारतीय मुक्केबाज ने 5-0 से वो मुकाबला अपने नाम किया था।
पदक
पिछले ओलंपिक में कांस्य जीत चुकी थी लवलीना
लवलीना टोक्यो खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी थी और ऐसे में उनसे पेरिस में काफी उम्मीदें थी।
दिलचस्प रूप से टोक्यो ओलंपिक में वह 69 किग्रा वर्ग में पदक जीती थी और पेरिस खेलों में उन्होंने अपना वर्ग बदला था।
टोक्यो में लवलीना को सेमीफाइन मुकाबले में तुर्की की मुक्केबाज बुसेनाज सुरमेनेली से हार मिली थी। उन्हें हराने वाली सुरमेनेली ने ही आखिरकार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।
उपलब्धि
ओलंपिक पदक जीतने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थी लवलीना
टोक्यो ओलंपिक में लवलीना, मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के साथ ओलंपिक पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनीं थी। बता दें कि 2008 में विजेंदर ओलंपिक पदक (कांस्य) जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने थे।
मैरी कॉम ने 2012 लंदन खेलों में महिलाओं की फ्लाईवेट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
ऐसे में लवलीना के पास ओलंपिक इतिहास में एक से अधिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बनने का मौका था, लेकिन वह इसे हासिल नहीं कर सकी।
जानकारी
सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को मिलते हैं कांस्य पदक
ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी में हारने वाले दोनों सेमीफाइनलिस्ट को 2 कांस्य पदक मिलते हैं। इस खेल में अन्य खेलों की तरह कोई अलग कांस्य पदक मैच नहीं होता है। सेमीफाइनल के विजेता फिर स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करते हैं।