#NewsBytesExclusive: नमन धीर PG का किराया भरने के लिए खेलते थे टूर्नामेंट, कोच ने बताई दिलचस्प बातें
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी पहचान बना रहे ऑलराउंडर नमन धीर की कामयाबी के पीछे संघर्ष और जुनून की लंबी कहानी है। फरीदकोट के नमन, पटियाला में रहकर क्रिकेट का सपना पूरा करने और अपना खर्च चलाने के लिए पूरे पंजाब में घूम-घूम कर अच्छे टूर्नामेंट खेलते थे। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने खेल से अपना ध्यान नहीं भटकने दिया। उनके कोच और क्रिकेट हब एकेडमी के संस्थापक कमलप्रीत संधू ने न्यूजबाइट्स हिंदी से उनके अनसुने किस्से साझा किए हैं।
स्थिति
नमन खुद कमाकर भरते थे PG के पैसे
नमन के कोच ने उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में कहा, "नमन के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। उस समय उनकी बहन की शादी का समय भी नजदीक था। वह पटियाला में PG में रहते थे, जिसका किराया करीब 2,000-3,000 रुपये था। वह अलग-अलग टूर्नामेंट और मैच खेलते थे, जहां उन्हें खेलने के पैसे मिलते थे। उसी कमाई से वह अपने PG का किराया और दूसरे खर्च निकालते थे।"
पैसे
नमन को एक मैच खेलने के लिए कितने पैसे मिले थे?
नमन दबाव वाले मुकाबलों में कैसे बेहतर खेलते हैं? इसके जवाब में कोच ने कहा, "नमन ने अपनी बल्लेबाजी को निखारने के लिए काफी टूर्नामेंट खेले। इन मैचों से उन्हें पैसे भी मिलते थे। शुरुआत में उन्हें एक मैच खेलने के 1,000 रुपये से 1,500 रुपये मिलते थे। धीरे-धीरे उनका खेल बेहतर हुआ और उन्हें 7,000 रुपये से 10,000 रुपये मिलने लगे। इन मुकाबलों से उन्हें दबाव में खेलने और मुश्किल परिस्थितियों में मैच को निकालने का काफी अनुभव मिला।"
बल्लेबाज
रोजाना कितने समय क्रिकेट खेलते थे नमन?
कोच कमलप्रीत ने आगे कहा, "वह रोजाना 4-5 घंटे मैदान पर रहते थे। अगर शाम का अभ्यास सत्र 3 बजे शुरू होना होता था तो वह 2 घंटे पहले ही मैदान पहुंच जाते थे। उनकी इसी अतिरिक्त मेहनत ने उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाया।"
बता दें, नमन ने हाल ही में न्यूजीलैंड में 5 टी-20 मैचों की सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया। वे सीरीज में कुल 138 रन बनाकर दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रहे।
शॉट
"एक ही गेंद पर नमन के पास 2 या 3 तरह के शॉट खेलने के विकल्प"
कोच ने नमन की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी को लेकर कहा, "उनको बड़े शॉट खेलने के लिए काफी अभ्यास कराया जाता था। हमारी कोशिश रहती थी कि उनके पास एक ही गेंद पर 2 या 3 तरह के शॉट खेलने के विकल्प हों।"
उन्होंने कहा, "वह वनडे और टी-20 क्रिकेट को ध्यान में रखकर अपनी बल्लेबाजी में सुधार करते थे। उनकी लंबाई की वजह से उनकी पहुंच भी अच्छी है, जिसका उन्हें बल्लेबाजी में फायदा मिलता है।"
गेंदबाज
नमन गेंदबाज कैसे बने?
नमन की गेंदबाजी को लेकर कोच ने कहा, "उनका करीब 80 प्रतिशत ध्यान बल्लेबाजी पर रहता था। जब बल्लेबाजी का अभ्यास पूरा हो जाता तब वह अच्छे बल्लेबाजों को गेंदबाजी करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी गेंदबाजी में अलग-अलग वैरिएशन पर काम करना शुरू किया और फिर टूर्नामेंट में भी गेंदबाजी करने लगे।"
बता दें, नमन वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 टी-20 मैचों की सीरीज में 5 विकेट लेकर अर्शदीप सिंह के बाद दूसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रहे थे।
खिलाड़ी
दबाव में बेहतर कैसे खेलते हैं नमन?
कोच ने कहा, "नमन ने बहुत ज्यादा स्थानीय मैच खेले हैं। मेरे पास प्रभसिमरन सिंह और विहान मल्होत्रा भी हैं। अगर ये खिलाड़ी 40 प्रतिशत मैच खेले होंगे तो नमन ने 80 से 90 प्रतिशत तक मुकाबले खेले हैं।"
उन्होंने कहा, "लगातार खेलने से उन्हें दबाव में खेलने का अनुभव है। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी दबाव नहीं लेते हैं। उन्हें 7 गेंद पर 15 या 8 गेंद पर 20 रन बनाने हों तो वह आसानी से ऐसा कर लेंगे।"
टीम
कोच ने 6 साल तक फीस नहीं ली
कमलप्रीत ने नमन के संघर्ष को लेकर आगे कहा, "उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मैंने उनकी काफी मदद की। पहले साल मैंने उनसे कोचिंग की फीस ली थी, लेकिन इसके बाद करीब 5-6 साल तक उनसे कोई फीस नहीं ली।"
उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कहा था कि तुम सिर्फ अपने PG का किराया दो और बाकी पैसे अपने ऊपर खर्च करो। मैं चाहता था कि पैसों की वजह से उनकी क्रिकेट प्रभावित न हो।"
जानकारी
ऐसा रहा है भारतीय टीम के लिए नमन का करियर
नमन ने भारत के लिए 3 वनडे और 10 टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं। वनडे में उनके बल्ले से 30 रन निकले हैं। टी-20 में उन्होंने 214.63 की स्ट्राइक रेट से 176 रन बनाए। वनडे में उनके नाम एक विकेट और टी-20 में 5 विकेट है।