WPL 2027 से पहले मुंबई इंडियंस ने ल्यूक विलियम्स को अपना प्रमुख कोच बनाया
क्या है खबर?
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2027 से पहले मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने दल में अहम बदलाव किया है। दरअसल, MI ने ल्यूक विलियम्स को अपना प्रमुख कोच नियुक्त किया है। MI ने आधिकारिक घोषणा की है। विलियम्स अब लिसा कीटली की जगह लेंगे, जिन्होंने शार्लेट एडवर्ड्स से जिम्मेदारी संभालने के बाद सिर्फ एक सीजन तक टीम को संभाला और फिर पद छोड़ दिया। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
बयान
RCB को खिताब जितवा चुके हैं विलियम्स
46 साल के विलियम्स के पास कोचिंग का काफी अनुभव है, जिसमें WPL भी शामिल है।
उनके कार्यकाल में 2024 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने खिताब पर कब्जा जमाया था। तब फाइनल में RCB ने DC को हराया था।
विलियम्स ने इस नई जिम्मेदारी को लेकर कहा, "मैं मुंबई इंडियंस जैसे सम्मानित और सफल संगठन से जुड़ने और खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ के इस प्रतिभाशाली समूह के साथ काम करने को लेकर बहुत उत्साहित हूं।"
अनुभव
इन टीमों के भी कोच रह चुके हैं विलियम्स
विलियम्स ने महिला 'द हंड्रेड' 2023 में सदर्न ब्रेव के सहायक कोच के रूप में भी काम किया था।
यहां भी उन्होंने अपनी कोचिंग का लोहा मनवाते हुए टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव को अपना पहला खिताब दिलाया था।
वह महिला बिग बैश लीग (WBBL) में एडिलेड स्ट्राइकर्स के कोच रह चुके हैं।
उन्होंने 2019 से टीम को कोचिंग देना शुरू किया था। उन्हीं के कार्यकाल में टीम ने 2022 में खिताब भी जीता था और 2021 में उपविजेता रही थी।
बयान
ल्यूक विलियम्स का अनुभव टीम के काम आयेगा- नीता अंबानी
इस नियुक्ति पर MI की मालकिन नीता अंबानी ने अपनी खुशी व्यक्त की और उम्मीद जताई कि उनसे टीम को फायदा पहुंचेगा।
उन्होंने इस बारे में कहा, "हमें मुंबई इंडियंस परिवार में ल्यूक विलियम्स का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। ल्यूक एक कामयाब व्यक्ति हैं और उनके पास भरपूर अनुभव, महिलाओं के खेल की गहरी समझ और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए मजबूत इरादे है।"
MI
निराशाजनक प्रदर्शन को भुलाना चाहेगी MI
अब विलियम्स को MI की टीम को तीसरी बार विजेता बनाने की जिम्मेदारी होगी।
पिछले सीजन में MI ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था।
WPL 2026 में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने सिर्फ 3 मैच जीते थे और तालिका में चौथे स्थान पर रही थी।
बता दें कि MI ने 2023 और 2025 में खिताब जीते हैं और दोनों बार हरमनप्रीत ने टीम का नेतृत्व किया है।