मोहम्मद शमी का भुवनेश्वर कुमार के चयन पर बड़ा बयान, कहा- नुकसान मेरा नहीं
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शनिवार (10 अक्टूबर) को कहा कि अगर उन्हें दोबारा भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो इससे उनका नुकसान नहीं होगा। उनका यह बयान अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी के कुछ दिन बाद आया है। भुवनेश्वर को इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
टीम
शमी ने साल 2025 में खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच
शमी ने आखिरी बार साल 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
2023 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद चोट के कारण उन्हें उसी साल के अंत में टीम से बाहर होना पड़ा था।
इसके बाद उनकी चोट से जुड़ी परेशानियां बढ़ती गईं और वह 2025 की शुरुआत तक पूरी तरह उबर नहीं सके।
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उन्हें किसी भी प्रारूप में जगह नहीं मिली। अजीत अगरकर ने बार-बार उनकी खराब फिटनेस का हवाला दिया था।
बयान
शमी ने क्या कहा?
शमी ने रेवस्पोर्ट्ज से कहा, "भुवनेश्वर को भारत के लिए खेलने का मौका मिला है और यह उनके लिए अच्छी बात है। हालांकि, उनके चयन से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे जहां भी खेलने का मौका मिलेगा मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान रणजी ट्रॉफी के मुकाबले पर है। अगर मुझे दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो यह मेरा नुकसान नहीं है।"
मौका
घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद नहीं मिला शमी को मौका
शमी ने घरेलू टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उनकी भारतीय टीम में वापसी नहीं हो सकी।
चयनकर्ताओं ने प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे युवा तेज गेंदबाजों को प्राथमिकता दी।
वहीं, 4 साल से अधिक समय बाद भुवनेश्वर की टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी IPL में उनके प्रदर्शन के आधार पर हुई है।
शमी IPL में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके थे। भुवनेश्वर को वनडे टीम में भी जगह मिल सकती है।
गेंदबाजी
इस कारण अनुभवी तेज गेंदबाजों की हो रही वापसी
भुवनेश्वर और शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों पर चर्चा होने का बड़ा कारण है।
इसकी वजह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव की प्रक्रिया का अब तक सहज नहीं रहना है।
मौजूदा वेस्टइंडीज सीरीज में सपाट पिचों पर भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा हुई है, जहां मौजूदा तेज गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा है।
ऐसे में अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका और टीम में उनकी संभावित वापसी को लेकर बहस बढ़ गई है।