एशियाई खेलों में सॉफ्ट-टेनिस में भारत के लिए ऐतिहासिक पदक जीतने वाले जय मीणा कौन हैं?
क्या है खबर?
एशियाई खेल 2026 में भारत के जय मीणा ने इतिहास रच दिया। उन्होंने सॉफ टेनिस में कांस्य पदक अपने नाम किया। यह एशियाई खेलों के इतिहास में सॉफ्ट-टेनिस में भारत के लिए पहला पदक है। मीणा को पुरुष एकल सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका के खिलाफ 2-4 से हार मिली। इस खेल में सेमीफाइनल मैच हारने के साथ ही कांस्य पदक मिलता है। आइए उनके सफर के बारे में जानते हैं।
प्रदर्शन
एशियाई खेल 2026 में मीणा का प्रदर्शन
सेमीफाइनल मैच में मीणा ने 3 गेम से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की, लेकिन वह मुकाबले को नहीं जीत सके।
45 मिनट तक चले मुकाबले में कुरोसाका के खिलाफ मीणा को 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4 से हार मिली।
इससे पहले फिलीपींस के शेरविन नुगुइट के खिलाफ कड़े मुकाबले में उन्होंने 4-3 से जीत हासिल की थी।
वहीं, ग्रुप स्टेज में उन्होंने अराइन हुसैन को 4-0 से हराया था।
एशियाई खेल
तीसरी बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे हैं जय मीणा
मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले मीणा ने तीसरी बार एशियाई खेलों में हिस्सा लिया है।
इससे पहले वह 2018 के जकार्ता खेलों में और 2022 के हांगझोऊ में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
पिछले एशियाई खेलों में मीणा क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन कोई पदक नहीं जीत सके थे।
ऐसे में यह 26 वर्षीय मीणा के अब तक के पेशेवर करियर की सबसे बड़ी सफलता है।
परिचय
बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे जय
बचपन में जय भी क्रिकेटर बनना चाहते थे और इस खेल में उसकी गहरी दिलचस्पी थी।
सब कुछ तब बदला जब उसने देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया, जहां उसे एक सॉफ्ट-टेनिस कोर्ट मिला।
धीरे-धीरे इस खेल के प्रति उनकी उत्सुकता बढ़ गई और उन्होंने बतौर बॉल बॉय करना शुरू कर दिया।
उन्होंने जिला-स्तरीय, राज्य-स्तरीय और आखिरकार राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।
14 साल की उम्र में जय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना शुरू किया।
प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्तर पर कर चुके हैं कमाल
जय को पेशेवर करियर में सबसे बड़ी कामयाबी 2022 में मिली, जब उन्होंने गुजरात में हुए 36वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुषों के एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इसी क्रम में वह 2025 तक वह पुरुषों के एकल स्पर्धा में राष्ट्रीय चैंपियन बन गए।
उन्होंने पुरुषों की टीम और युगल स्पर्धा में भी योगदान दिया और मध्य प्रदेश को पदक दिलाने में मदद की।