क्या 44 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट छोड़ेंगे जेम्स एंडरसन? नया अनुबंध नहीं मिला
क्या है खबर?
दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का शानदार क्रिकेट करियर अब अंत के करीब पहुंच गया है। लंकाशायर क्रिकेट टीम ने साल 2027 सत्र के लिए 44 वर्षीय एंडरसन का अनुबंध नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंडरसन अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला खेल चुके हैं और काउंटी टीम ने उन्हें अगले सत्र के लिए अनुबंध नहीं देने की जानकारी दे दी है। ऐसे में आइए पूरी खबर पर एक नजर डालते हैं।
रिपोर्ट
जल्द ही संन्यास की घोषणा कर सकते हैं एंडरसन
एंडरसन ने इस सत्र काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन-2 में लंकाशायर के लिए 17 की औसत से 50 विकेट लिए थे।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्र समाप्त होने के बाद क्लब के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड कैन्यन और क्रिकेट निदेशक पॉल फारब्रेस ने एंडरसन को क्लब का फैसला बता दिया है।
इस फैसले के बाद एंडरसन किसी अन्य टीम से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए अनुबंध नहीं मांगेंगे।
वह जल्द ही अपने फैसले की सार्वजनिक घोषणा कर सकते हैं।
प्रथम श्रेणी
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1,000 से ज्यााद विकेट ले चुके हैं एंडरसन
एंडरसन ने अपना पहला प्रथम श्रेणी मुकाबला साल 2002 में खेला था। उन्होंने अब तक 315 मुकाबलों में 24.25 की शानदार औसत से 1,193 विकेट लिए हैं।
इस दौरान उन्होंने 51 बार 4 विकेट और 56 बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया है।
एंडरसन ने 261 लिस्ट-A मुकाबले भी खेले हैं। इस प्रारूप में उन्होंने 28.57 की औसत से 358 विकेट चटकाए हैं। उनके नाम 11 बार चार विकेट और दो बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।
इंग्लैंड
साल 2024 में एंडरसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया था संन्यास
इंग्लैंड ने 2024 में एंडरसन को टीम में चुनने से इनकार कर दिया था। इसके उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
उन्होंने अपने करियर में 188 टेस्ट मैच खेले थे जो सचिन तेंदुलकर के 200 टेस्ट के बाद सबसे ज्यादा हैं।
इस तेज गेंदबाज ने 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था। वहीं, साल 2003 में एंडरसन के टेस्ट डेब्यू के बाद वह टीम के नियमित सदस्य बन गए थे।
इकलौते
टेस्ट क्रिकेट में 700 विकेट लेने वाले इकलौते तेज गेंदबाज
एंडरसन से पहले श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन और शेन वॉर्न ही टेस्ट प्रारूप में 700 विकेट का आंकड़ा पार कर चुके थे।
ये दोनों पूर्व खिलाड़ी स्पिनर थे। ऐसे में एंडरसन इस उपलब्धि को हासिल करने वाले विश्व के पहले तेज गेंदबाज बने थे।
बता दें कि मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर में 22.72 की औसत से 800 विकेट चटकाए थे, जबकि वॉर्न ने 25.41 की औसत से 708 विकेट अपने नाम किए थे।