टेस्ट क्रिकेट में होगी ईशान किशन की वापसी, हालिया प्रदर्शन का मिल सकता है इनाम- रिपोर्ट
क्या है खबर?
ईशान किशन के हालिया प्रदर्शन ने उन्हें टेस्ट टीम में वापसी की दौड़ में ला दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में चयनकर्ता उनके नाम पर विचार कर सकते हैं। चयन समिति की बैठक इसी सप्ताह होनी है। ऐसे में ईशान के प्रदर्शन और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें लंबे प्रारूप की टीम में शामिल किए जाने की संभावना ने चर्चा तेज कर दी है। दलीप ट्रॉफी में इस खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया था।
दावेदार
वापसी के मजबूत दावेदार हैं ईशान
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, टीम से जुड़े कुछ लोगों, खासकर टीम प्रबंधन के बीच यह राय है कि ईशान टेस्ट टीम में वापसी के मजबूत दावेदार हैं।
ईशान ने 2 टेस्ट मैच खेले हैं और उन्होंने आखिरी मुकाबला साल 2023 में खेला था।
हाल के दिनों में वह शानदार फॉर्म में हैं। उनका प्रदर्शन सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि लाल गेंद के प्रारूप में भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है।
आसान
ईशान का टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा
ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, ध्रुव जुरेल भी चयन की दौड़ में बने हुए हैं।
दोनों पिछली कई सीरीज से इस प्रारूप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में टेस्ट टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना अतिरिक्त विकल्प माना जा सकता है।
इस स्थिति में ईशान के लिए टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा।
हालांकि, वह लगातार शानदार प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
विकेटकीपर
क्या सिर्फ बल्लेबाज के रूप में टीम का हिस्सा होंगे ईशान?
चयन समिति 3 विकेटकीपरों की स्थिति को कैसे संभालती है यह देखना दिलचस्प होगा। हालांकि, न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुनते समय चयनकर्ताओं की चर्चा में ईशान का नाम प्रमुखता से रहने की संभावना है।
दलीप ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
खास बात यह है कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में भी ईशान को अक्सर विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। वह विकेटकीपर के रूप में कम ही नजर आए हैं।
दलीप
दलीप ट्रॉफी में ऐसा था ईशान का प्रदर्शन
दलीप ट्रॉफी में ईशान ने ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया था।
फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने 270 और 80 रन की अहम पारियां खेलकर टीम को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
उन्होंने टूर्नामेंट के 3 मुकाबलों में 409 रन बनाए और उनका औसत 100 से अधिक का रहा।
फाइनल में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी चुना गया था।