IPL स्टार शशांक सिंह और उनके पिता पर रसोइए को पीटने का आरोप, FIR दर्ज
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए खेलने वाले शशांक सिंह और उनके सेवानिवृत्त IPS पिता शैलेश सिंह के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत उनके घर में काम करने वाले रसोइए विपेंद्र सिंह तोमर ने दर्ज कराई है। आरोप है कि भोजन को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों ने उनके साथ मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यह घटना भोपाल स्थित उनके आवास पर हुई।
आरोप
क्या है आरोप?
रसोइए विपेंद्र का आरोप है कि परिवार के सदस्यों ने उनके बनाए भोजन पर नाराजगी जताई और इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई।
उन्होंने जब काम छोड़ने की बात कही तो उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और उन्हें जबरन काम जारी रखने के लिए कहा गया।
डर के कारण वह कमरे में बंद हो गया, लेकिन बाद में शैलेश, शशांक और उनके चालक ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पीड़ित का वीडियो
#WATCH | Bhopal: Vipendra Singh Tomar, who has accused cricketer Shashank Singh and his family of assault, says, "Shailesh Singh (father of Shashank Singh) is a retired IAS; I had gone there to cook. I arrived on June 25. After observing their behavior, I refused to work. They… https://t.co/KFT9AR5FIA pic.twitter.com/YXDYwCx9jD
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 30, 2026
सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी देने की बात कही गई थी
31 वर्षीय विपेंद्र मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले हैं। उन्हें उनके परिचित मोहित सिंह सेंगर भोपाल लेकर आए थे।
शैलेश के घर पर उन्हें रसोइए की नौकरी दी गई थी और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने में मदद का भरोसा भी दिया गया था।
समझौते के तहत उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये वेतन के साथ भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी।
वह परिवार के नीलबड़ स्थित आवास पर काम कर रहे थे।
आरोप
घर से जाने नहीं दिया गया
विपेंद्र का आरोप है कि उनसे लगातार काम कराया जाता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर में पहले से काम कर रहे रसोइए के साथ गाली-गलौज होते हुए देखा था।
उनके अनुसार, जब उन्होंने नौकरी छोड़ने की इच्छा जताई तो उनसे पूछा गया, "अगर काम नहीं करना था तो यहां क्यों आए? क्या मुझे मारने आए हो?"
उनके अनुसार उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उन्हें वहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई।
दर्ज
दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शैलेश, शशांक और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।