IPL 2026 फाइनल के बाद गुजरात टाइटंस की बस में शॉर्ट सर्किट, बाल-बाल बचे खिलाड़ी
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल में निराशाजनक हार के बाद गुजरात टाइटंस (GT) एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गई। टीम की बस में शॉर्ट सर्किट होने से धुआं भर गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी को कोई चोट नहीं पहुंची। घटना रविवार रात अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से होटल लौटते समय हुई।
दिक्कत
GT को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा
इस घटना के कारण GT के खिलाड़ी और स्टाफ करीब एक घंटे तक फंसे रहे। कुछ ही देर पहले IPL 2026 के फाइनल में उसे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। 27 मई को टीम धर्मशाला से मुल्लांपुर पहुंची थी। इसके बाद 30 मई को खराब मौसम के कारण अहमदाबाद के लिए उनकी उड़ान में लंबी देरी हुई और टीम शनिवार देर शाम अपने घरेलू मैदान पर पहुंच पाई थी।
ट्विटर पोस्ट
सामने आया वीडियो
Following a disappointing defeat in the IPL final, the Gujarat Titans bus suffered a short circuit. no one was harmed as all players- staff were successfully evacuated. team was returning to their hotel from Stadium in Ahmedabad. #GujaratTitans #BusFire #rcb #IPLFinal #Ahmedabad pic.twitter.com/2JQM4g5OFx
— Namaskar Gujarat Australia/New Zealand (@NamaskarGujarat) June 1, 2026
हार
GT को ऐसे मिली फाइनल में हार
फाइनल मैच में GT ने पहले खेलते हुए सिर्फ 155/8 का स्कोर बनाया। जवाब में RCB ने विराट कोहली की अर्धशतकीय पारी (75*) की मदद से लक्ष्य हासिल किया। GT से शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) जल्दी आउट हुए। इसके बाद निशांत सिंधु (20) और जोस बटलर (19) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। जवाब में RCB को वेंकटेश अय्यर (32) और कोहली ने उम्दा शुरुआत दिलाई और टीम ने 18 ओवर में लक्ष्य हासिल किया।
हार
हार के बाद क्या बोले कप्तान गिल?
हार के बाद कप्तान गिल ने कहा, "हम सबसे बेहतरीन गेंदबाजी करने वाली टीमों में से एक थे। शुरुआती 2 मैच हारने के बाद हमने टूर्नामेंट में जोरदार वापसी की। मैं अपनी टीम के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। हम लगातार खुद को चुनौती देते रहे और बेहतर बनाते रहे। हम जीत की मंजिल तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन अगर हम ट्रॉफी जीत भी जाते तब भी सुधार की गुंजाइश तो रहती ही।"