राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े दिलचस्प तथ्य, जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे
क्या है खबर?
इस बार ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हो रहा है, जिसमें 120 से अधिक खिलाड़ियों का दल भारत ने भेजा है। इस बार इन वैश्विक खेलों में 2022 की तुलना में कम खेल खेले जा रहे हैं। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट में भी पदक दांव पर लगे थे, लेकिन इस बार ये खेल भी प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। इस बीच राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े दिलचस्प तथ्यों के बारे में जानते हैं।
पहला संस्करण
1930 में पहले संस्करण में 11 देशों ने लिया था हिस्सा
जॉन एश्ले कूपर ने 1891 में सबसे पहले ऐसे खेल के आयोजन का सुझाव दिया था जिसे चार साल में एक बार कराया जाए।
उनका मानना था कि खेलों से आपसी सौहार्द बढ़ता है और लोग करीब आते हैं। 1930 में पहली बार खेलों का आयोजन हुआ जिसे ब्रिटिश एंपायर गेम्स के नाम से जाना गया।
इसमें 11 देशों के 400 से अधिक एथलीट्स ने हिस्सा लिया था।
भारत ने 1934 में पहली बार हिस्सा लिया था।
भारत
अब तक भारत ने सिर्फ 4 संस्करणों में नहीं लिया है हिस्सा
1942 और 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के कारण खेलों को रद्द कर दिया गया था।
भारत सिर्फ 4 संस्करण (1930, 1950, 1962 और 1986) से चूक गया है।
केवल ऑकलैंड (1950, 1990), एडिनबर्ग (1970, 1986) और ग्लासगो (2014, 2026) ने एक से अधिक बार खेलों की मेजबानी की है।
74 राष्ट्रों (राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाली टीमों की वर्तमान संख्या) में से केवल ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स ने सभी संस्करणों में भाग लिया है।
2022
अब तक सिर्फ एक बार महिला क्रिकेट को किया गया है शामिल
राष्ट्रमंडल खेल 2022 में महिला क्रिकेट को पहली बार शामिल किया गया था।
यह इकलौता ऐसा संस्करण रहा, जो टी-20 प्रारूप में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण और भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता था।
बता दें 1998 में कुआलालंपुर में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट (पुरुष) को वनडे प्रारूप में खेला गया था और दक्षिण अफ्रीका ने इसका स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
तथ्य
राष्ट्रमंडल खेलों के कुछ दिलचस्प तथ्य
ऑस्ट्रेलियाई तैराक जेनी टरेल राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी हुई हैं। उन्होंने 13 साल की उम्र में ये कारनामा किया था।
विशेष रूप से इन खेलों में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज भी एक ऑस्ट्रेलियाई (61 वर्षीय डोरोथी रोश, लॉन बॉलिंग में पदक) हैं।
राशिद अनवर इन खेलों में पदक (कांस्य, 1934) जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे।
रंजीत कुमार इन खेलों (2006) में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पैरा-एथलीट थे।