टेस्ट क्रिकेट: इन कप्तानों के नेतृत्व में कोई टेस्ट नहीं हारी भारतीय टीम
क्या है खबर?
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुछ बेहद सफल कप्तान साबित हुए हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने जीत दर्ज की हैं। दूसरी तरफ कुछ ऐसे कप्तान भी रहे हैं, जिन्हें कप्तानी करने के बेहद सीमित मौके मिले। अजिंक्य रहाणे को भी भारतीय टेस्ट टीम का नेतृत्व करने का ज्यादा मौका नहीं मिला। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम कोई टेस्ट नहीं हारी। इस बीच उन भारतीय कप्तानों के बारे में जानते हैं, जिनकी कप्तानी में टीम कभी टेस्ट नहीं हारी।
#1
हेमू अधिकारी (1959, इकलौता टेस्ट)
पूर्व भारतीय बल्लेबाज हेमू अधिकारी ने 1959 में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ टेस्ट में कप्तानी की थी, जो ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
दिल्ली में खेले गए मैच में टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने पहली पारी में 63 रन बनाए थे।
दूसरी पारी में उन्होंने 40 रन का योगदान दिया था।
इस मैच के बाद हेमू को कभी कप्तानी करने का मौका नहीं मिल सका।
अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 31.14 की औसत से 872 रन बनाए थे।
#2
रवि शास्त्री (1988, इकलौता टेस्ट)
रवि शास्त्री ने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में कप्तानी की थी। सीरीज के उस चौथे मैच में भारत ने 255 रन से जीत दर्ज की थी।
मैच में भारत ने पहली पारी में 382 रन बनाए थे, जिसके जवाब में मेहमान टीम 184 पर ढेर हुई थे।
इसके बाद भारत ने दूसरी पारी 217/8 पर घोषित की और आखिर में वेस्टइंडीज की पारी 160 रन पर सिमट गई थी।
इसके बाद शास्त्री ने कप्तानी नहीं की थी।
#3
कृष्णमाचारी श्रीकांत (1989, 4 टेस्ट)
भारतीय टीम ने 1989 में पाकिस्तान के दौरे पर 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी।
कृष्णमाचारी श्रीकांत की कप्तानी में भारत ने इस सीरीज के चारों मैचों को ड्रॉ कराया था।
कप्तानी करते हुए श्रीकांत ने बल्लेबाजी में निराश किया था। उन्होंने 7 पारियों में 13.85 की खराब औसत के साथ कुल 97 रन बनाए थे।
इस निराशाजनक बल्लेबाजी के बाद श्रीकांत को फिर कभी कप्तानी का मौका नहीं मिला था।
#4
अजिंक्य रहाणे (2017-21, 6 टेस्ट)
रहाणे ने पहली बार 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट में कप्तानी की थी, जो भारत ने 8 विकेट से जीता था।
2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में भारतीय टीम पारी और 262 रन से जीती थी।
2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न और ब्रिसबेन टेस्ट में टीम जीती, जबकि सिडनी टेस्ट ड्रॉ रहा था।
इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ (कानपुर, 2021) टेस्ट में भी भारतीय टीम जीती थी।
उनके नेतृत्व में टीम कभी नहीं हारी।