एशियाई खेल 2026: भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की
क्या है खबर?
एशियाई खेल 2026 में भारत ने बुधवार को महिला कंपाउंड तीरंदाजी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और इस दौरान 238 अंक के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। चीन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कोरिया
भारत ने दक्षिण कोरिया के रिकॉर्ड की कर ली बराबरी
भारत ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड स्कोर की भी बराबरी कर ली।
इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को रोमांचक मुकाबले में 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
भारतीय तीरंदाजों ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, दक्षिण कोरिया की पार्क जोंगयून, पार्क येरिन और कांग येओनसो की तिकड़ी ने कांस्य पदक मुकाबले में चीनी ताइपे को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
अभियान
एशियाई खेल 2026 में भारत के हुए 7 स्वर्ण पदक
भारतीय तीरंदाजों के लिए यह एशियाई खेलों का एक और शानदार अभियान रहा। इससे पहले हांगझोउ में 2023 में भारत ने तीरंदाजी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 9 पदक जीते थे, जिसमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल थे।
इस बार भी भारतीय तीरंदाजों ने अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है। इस एशियाई खेलों में भारत के अब 7 स्वर्ण पदक हो गए हैं।
कहानी
राष्ट्रीय स्तर की तैराक रही हैं ज्योति
ज्योति राष्ट्रीय स्तर की तैराक भी रह चुकी हैं। उन्होंने 2011 में सीनियर टीम से डेब्यू किया था। 2023 के एशियाई खेलों में उन्होंने 3 स्वर्ण जीते थे।
वे एक ही एशियाई खेलों में 3 स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज थी।
तेलंगाना की रहने वाली चिकिता दूसरी कक्षा से ही तीरंदाजी करती हैं। साल 2025 में उन्होंने विश्व आर्चरी यूथ चैंपियनशिप के अंडर-21 में स्वर्ण पदक जीता था। वह इस इवेंट में खिताब जीतने वाली पहली महिला थी।
नजर
कौन है पृथिका?
पृथिका की बात करें तो वह तमिलनाडु के नागरकोइल की रहने वाली हैं। उन्होंने महज 5वीं कक्षा से तीरंदाजी का अभ्यास शुरू कर दिया था।
उन्होंने 2024 में आयोजित एशियाई युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू किया।
इसके बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पृथिका अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 7 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। एशियाई खेलों का यह स्वर्ण उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया।