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राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत ने जीते हैं 200+ स्वर्ण पदक, जानिए कैसा है प्रदर्शन 
नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन पर होंगी नजरें (तस्वीर: एक्स/@Neeraj_chopra1)

राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत ने जीते हैं 200+ स्वर्ण पदक, जानिए कैसा है प्रदर्शन 

Jul 23, 2026
12:29 pm

क्या है खबर?

इस बार ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारत के 120 से अधिक खिलाड़ियों का दल अलग-अलग खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा। पिछले संस्करण की तुलना में इस बार कम खेल शामिल किए गए हैं और ऐसे में स्वाभाविक तौर पर 2022 से कम पदक आने की उम्मीद है। भारत इन खेलों में कुल 500 से अधिक पदक जीते हुए हैं। आइए इन खेलों के इतिहास में भारत के प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं।

इतिहास 

1930 में पहली बार हुआ था खेलों का आयोजन 

जॉन एश्ले कूपर ने 1891 में सबसे पहले ऐसे खेल के आयोजन का सुझाव दिया था जिसे 4 साल में एक बार कराया जाए।

उनका मानना था कि खेलों से आपसी सौहार्द बढ़ता है और लोग करीब आते हैं।

1930 में पहली बार खेलों का आयोजन हुआ जिसे ब्रिटिश एंपायर गेम्स के नाम से जाना गया।

इसमें 11 देशों के 400 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।

1934 

राशिद अनवर ने जीता था ऐतिहासिक पदक 

भारत ने पहली बार 1934 में राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था। तब ब्रिटिश भारत के तौर पर सिर्फ 6 खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया और 10 खेल स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था।

उस संस्करण में भारत ने सिर्फ एक पदक जीता था।

राशिद अनवर ने भारत की ओर से इकलौता पदक जीतते हुए इतिहास रचा था। उन्होंने पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

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1958 

मिल्खा सिंह ने भारत को दिलाया पहला स्वर्ण

1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में महान धावक मिल्खा सिंह ने एक नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड (46.6 सेकंड) के साथ 400 मीटर में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

वह खेलों (ट्रैक एंड फील्ड) में स्वर्ण हासिल करने वाले पहले भारतीय बने थे।

मिल्खा 56 साल तक एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक (व्यक्तिगत स्पर्धा में) जीतने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष बने रहे थे।

एथलेटिक्स में उनके बाद 2014 के संस्करण में डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा ने स्वर्ण पदक जीता था।

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जानकारी

1978 से कॉमनवेल्थ गेम्स नाम मिला 

1930 से कई दशकों तक इसे ब्रिटिश एंपायर गेम्स कहा जाता था। 1970 और 1974 में इसे ब्रिटिश कॉमनवेल्थ नाम दिया गया था। 1978 में जाकर इन खेलों को कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) का नाम मिला।

प्रदर्शन 

भारत ने जीते हैं 500 से अधिक पदक 

विकिपीडिया के मुताबिक, भारत ने इन खेलों में कुल 564 पदक जीते हैं, जिनमें 203 स्वर्ण शामिल हैं। इसके अलावा भारत ने इन खेलों में 190 रजत पदक और 171 कांस्य पदक भी जीते हैं।

अब तक हुए सभी संस्करणों की कुल पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर (स्वर्ण पदक की गिनती के आधार पर) है।

ऑस्ट्रेलिया (1,003), इंग्लैंड (773) और कनाडा (510) ने भारत से ज्यादा स्वर्ण पदक जीते हुए हैं।

सफल खेल 

इन खेलों में भारत का रहा है दबदबा 

राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती (114), निशानेबाजी (135) और भारोत्तोलन (133) ऐसे खेल रहे हैं, जिनमें भारत ने 100 से अधिक पदक जीते हैं।

मुक्केबाजी में 44 और एथलेटिक्स में 46 पदक जीते हैं।

भारत ने बैडमिंटन में अपनी पदक संख्या बढ़ाकर 31 कर ली है, उसके बाद टेबल टेनिस (28) का स्थान है।

साथ ही भारत के पास महिला क्रिकेट (रजत) और तैराकी (कांस्य) में एक-एक पदक हैं।

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