टी-20 अंतरराष्ट्रीय: भारतीय टीम ने रचा इतिहास, 200 मुकाबले जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 मुकाबलों में जीत दर्ज करने वाली पहली टीम बन गई है। इसमें सुपर ओवर से मिली जीत भी शामिल है। भारत ने जापान के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज कर यह उपलब्धि हासिल की। बारिश के कारण मैच 5-5 ओवर का हुआ था। भारत ने 4 विकेट पर 32 रन बनाए। जापान की टीम जीत के करीब पहुंची, लेकिन 30/3 का स्कोर बना सकी और 2 रन से मुकाबला हार गई।
सफर
भारतीय टीम के 200 जीत के सफर पर एक नजर
भारत ने 200 जीत का आंकड़ा छूकर इतिहास रचा है।
टीम की इस सफर की शुरुआत साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के खिलाफ जोहान्सबर्ग में पहली जीत से हुई थी।
भारत ने 2017 में कोलंबो में श्रीलंका को हराकर 50वीं जीत दर्ज की। 2022 में कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसे 100वीं जीत मिली, जबकि 2024 में ऑस्ट्रेलिया को हराकर टीम ने 150वीं जीत पूरी की थी।
जापान पर जीत से भारत का आंकड़ा 200 पहुंच गया है।
पाकिस्तान
दूसरे स्थान पर है पाकिस्तान
भारत ने अब तक 291 टी-20 मैचों में 200 जीत दर्ज की हैं।
पाकिस्तान 299 मैचों में 174 जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड ने 267 मैचों में 137 जीत हासिल की हैं।
दक्षिण अफ्रीका के नाम 235 मैचों में 131 और इंग्लैंड के नाम 233 मैचों में 130 जीत हैं।
भारत ने अपनी पहली 50 टी-20 अंतरराष्ट्रीय जीत 83 मैचों में हासिल की थी, जबकि 100 जीत तक पहुंचने के लिए इसके बाद केवल 72 मैच लगे।
जापान
भारत ने ऐसे दर्ज की अपनी 200वीं जीत
मुकाबले में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खाराब रही।
7 रन के कुल स्कोर पर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए।
उसके बाद भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर (16) और संजू सैमसन (9) की पारियों से 32/4 का स्कोर खड़ा किया।
जापान से चार्ली हारा-हिंजे ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए। जवाब में जापान की टीम कप्तान केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग (12) और बेंजामिन इतो-डेविस (9) की पारी से 30/3 ही बना पाई।
ऐतिहासिक
ऐतिहासिक रहा भारत और जापान का मुकाबला
यह ऐतिहासिक मैच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा शुरू की गई 'स्पोर्ट 75' पहल का एक मुख्य हिस्सा था।
यह पहल भारत-जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर शुरू की गई है।
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेल संबंधों और मानवीय आदान-प्रदान को मजबूत करना है।
यह क्रिकेट इतिहास में पहला मौका है जब भारतीय टीम किसी एसोसिएट देश के खिलाफ कोई द्विपक्षीय मैच खेलने उतरी।